धनारी/चंदौसी। धनारी थाना क्षेत्र के दिनौरा गांव में रविवार की रात सोते समय युवक की गला रेत कर हत्या कर दी गई। चीख सुनकर पत्नी जागी तो उसने दो ढाटाबंद लोगों को भागते देखा। शोर मचाने पर हत्यारे भाग खड़े हुए। मृतक के पिता ने गांव के ही दो लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। धनारी थाने के दिनौरा निवासी सोमवीर सिंह (30) पुत्र रमेश यादव अपनी पत्नी गायत्री देवी के साथ एक झोपड़ीनुमा घर में सो रहा था। पत्नी की चारपाई झोपड़ी के अंदर पड़ी थी। सोमवीर सिंह की चारपाई बाहर खुले में थी।
बताते हैं कि रात्रि करीब 12 बजे झोपड़ी में दो नकाबपोश बदमाश घुस आए। सोते समय सोमवीर सिंह को दबोच लिया और अंगोछा गर्दन में बांध कर छुरे से गर्दन रेत दी। गर्दन करीब आधी कट गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन इस दौरान सोमवीर की अंतिम चीख निकलने और पत्नी जाग गई। उसने शोर मचाया तो दो नकाबपोश हाथ में छुरा लेकर भाग निकले। परिवार के लोग दौड़ कर पहुंचे तो सोमवीर सिंह की मौत हो चुकी थी। परिवार में कोहराम मच गया। आसपास ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के दादा सोरन सिंह ने यूपी-100 पुलिस को सूचना दी। दस मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई।
प्रभारी निरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह व पुलिस क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने रात में ही शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। झोपड़ी के सामने मुख्य मार्ग है तथा दूसरी ओर एक गली है। जिसमें तीन देशी शराब क्वार्टर भी पड़े मिले हैं। मृतक शराब नहीं पीता था। मृतक के पिता रमेश यादव ने पुलिस को घटना की तहरीर दी। जिसके आधार पर गांव के ही मोहर पाल व बिजेंद्र सिंह को नामजद किया गया है। इन लोगों पर गला रेत कर हत्या करने का आरोप लगाया गया है। बताते हैं कि नामजद किए गए परिवार से पुरानी जमीनी रंजिश लग रही है।
....कहीं मामला कुछ और तो नहीं
चंदौसी। धनारी थाना क्षेत्र के दिनौरा गांव में सोमवीर यादव की हत्या में दो लोगों को नामजद तो कर लिया गया लेकिन पुलिस भी इस नामजदगी पर पूरा भरोसा नहीं कर पा रही है। घटना के पीछे मामला कुछ और भी हो सकता है। मृतक की मां राजो देवी का कहना है कि उसे घटना की जानकारी मृतक की पत्नी (बहू) ने ही दी है। बहू का कहना कि उसने दो ढाटाबंद लोगों को हाथ में छुरी लेकर भागते देखा है। उसे ऐसा लगा कि तीन अन्य लोग भी दरवाजे के पास खडे़ थे। सवाल यह है कि उसकी झोपड़ी के पास ही शराब की बोतलें मिलना भी बहुत कुछ कह रहा है। शराब घटना स्थल या उसके आसपास ही पी गई है। अमूमन अपराधी घटना स्थल पर इतनी देर तक क्यों रुके। किसी को पता क्यों नहीं चला। फिलहाल तो पुलिस की शक की सुई भी परिजनों की ओर ही घूम रही है। मृतक के चार बच्चे हैं। यह सभी सोते रहे। मृतक स्वभाव से बेहद सीधा बताया जा रहा है।