बबराला/गुन्नौर। बदायूं जनपद के थाना इस्लामनगर क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में मरे मां बेटे के शव रविवार को जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचे तो मातम छा गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिन्हें देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़े। जिसके बाद दोनों शवों का राजघाट गंगा तट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कोतवाली गुन्नौर क्षेत्र के गांव नगरिया के रहने वाले रेलवे कर्मी नीलम सिंह अपनी मां चंद्रावती को लेकर बदायूं जनपद के सहसवान क्षेत्र के गांव शिकारपुर में गए थे। जहां उनके एक रिश्तेदार ने खुदकुशी कर ली थी। जहां से मां बेटे शनिवार की शाम को वापस चंदौसी आ रहे थे कि इस्लामनगर थाना क्षेत्र के निकट ओईया गांव पर सड़क हादसे का शिकार हो गए। जिससे नीरम सिंह की मां चंद्रावती की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि नीरम सिंह ने मुरादाबाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। रविवार की सुबह को बदायूं में दोनों शवों का पोस्टमार्टम हुआ और दोपहर बाद दोनों के शव गांव पहुंचे तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिसके बाद दोनों शवों का राजघाट गंगा तट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।