बेटियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की संजीदगी की पोल शुक्रवार को हुई घटनाओं ने खोल कर रख दी। जहां एक ओर स्कूल जा रही कक्षा से छेड़खानी की गई, वहीं दूसरी ओर एक छात्र ने कॉलेज में ही छात्रा से अश्लील इशारे करने शुरू कर दिए।
शासन की मंशा के अनुरूप बेटियों को माहौल नहीं मिल पा रहा है। अब सवाल इस बात का है जब पढ़ेगी बेटियां तभी तो आगे बढ़ेंगी बेटियां। पढ़ने वाली बेटियां मनचलों और स्कूली छात्रों का साफ्ट टार्गेट बनती जा रही हैं। नियमित समय पर स्कूल आने जाने के कारण मनचले उन्हें टार्गेट बनाकर परेशान करते हैं। उन पर अश्लील फब्तियां कसी जाती हैं।
हर बेटी विरोध करने का साहस नहीं उठा पाती। हर एक बेटी अपने परिजनों को भी बताना उचित नहीं समझती। ऐसे में कैसे पढ़ेंगी बेटियां और जब बेटियां पढ़ नहीं सकेंगी तो कैसे बढ़ेंगी बेटियां।
शुक्रवार को दो घटनाओं ने बेटियों के साथ हुई घटनाओं ने शासन की मंशा के बिल्कुल उलट माहौल पेश किया।
एक
चंदौसी के घटलेश्वर गेट मोहल्ला से होकर कक्षा सात की छात्र अपने घर से स्कूल को आती जाती है। पिछले करीब सप्ताह भर से तीन मनचले युवक छात्रा को परेशान करते हैं। छात्रा ने तंग आकर अपनी मां को पूरी बात बताई। शुक्रवार को सुबह साढ़े सात बजे स्कूल जाते समय मां और भाई छात्रा के पीछे-पीछे उसे छोड़ने गए।
रास्ते में छात्रा की शिकायत के मुताबिक छेड़खानी की गई। मां और भाई ने दौड़कर एक युवक को पकड़ लिया। जबकि, दो युवक मौके से भागने में कामयाब हो गए। पकड़े गए युवक को आसपास मौजूद लोगों ने परिजनों से छुड़ा दिया। मां ने 1090 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कुछ खास सहायता नहीं मिली। बाद में कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है।
दो
चंदौसी के एसएम कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा का कई दिन पहले आईकार्ड खो गया था। आईकार्ड कॉलेज के ही एक छात्र को मिल गया। छात्र ने आईकार्ड पर लिखे छात्रा के मोबाइल नंबर पर कॉल की। फोन पर अश्लील भाषा का प्रयोग किया। छात्रा ने विरोध किया तो धमकी दी गई।
शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे छात्रा कॉलेज आई तो छात्र ने फिर से परेशान किया। छात्रा को अश्लील इशारे किए। छात्रा ने परेशान होकर वाइस प्रिंसिपल बालेंदु बशिष्ठ से शिकायत की। वाइस प्रिंसीपल ने अनुशासन समिति को निर्देश दिए। अनुशासन समिति ने छात्र को कॉलेज परिसर से पकड़ लिया। कड़ाई से पूछताछ की। छात्र ने बताया आईकार्ड उसने अपने दोस्त को दे दिया है। इस पर आईकार्ड लाकर देने और भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं करने की नसीहत के साथ छोड़ दिया है।
छात्र को नसीहत दी गई है। छात्रा का आईकार्ड लाकर देने के निर्देश दिए गए हैं। अब यदि कोई शिकायत मिली तो छात्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहले कॉलेज से निष्कासित किया जाएगा यदि जरूरत पड़ी तो पुलिस कार्रवाई भी कराई जाएगी। -डा. बालेंदु वशिष्ठ, वाइस प्रिंसिपल एसएम कॉलेज चंदौसी।