बहजोई में ट्रेन की चपेट में आकर युवकों की मौत के बाद विलाप करते परिजन।
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बहजोई। रेल इंजन की चपेट में आकर निजी शिक्षक चाचा व भतीजे की मौत हो गई। सूचना पर स्थानीय पुलिस समेत आरपीएफ पहुंच गई। जानकारी होने पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही।
शुक्रवार को सुबह साढ़े ग्यारह बजे के करीब बहजोई-अलीगढ़ मार्ग पर गेट संख्या-46 बी के आगे किलोमीटर संख्या 87/6/7 के बीच रिश्ते के चाचा-भतीजा दो युवक रेल इंजन की चपेट में आ गए। जानकारी होने पर आसपास के लोगों की मौके पर भीड़ लग गई। स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जांच-पड़ताल के दौरान मृतकों की शिनाख्त निजी शिक्षक चमन पुत्र विष्णुलाल (35) निवासी गांव ढाढौल व हाल निवासी यादव कालोनी व सुरेंद्र पुत्र रामसेवक (25) निवासी गांव कैमा थाना हयातनगर व हाल निवासी गांव ढकारी रोड निकट बहजोई देहात की मढ़ैय्या के तौर पर हुई। जानकारी मिलने पर परिजन भी पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। प्रभारी निरीक्षक रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों मृतकों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा गया है। दोनों युवक रेल की पटरी तक क्यों और कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, आरपीएफ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की जानकारी ली।
स्टेशन अधीक्षक प्रेमराज मीणा ने बताया कि चंदौसी की ओर से बहजोई पहुंचा रेल का इंजन 11.29 बजे बहजोई से बबराला के लिए रवाना हुआ। हादसे के बाद इंजन के चालक की ओर से गेट संख्या 47 सी के गेट मेन को हादसे की जानकारी दी गई। इसके बाद जीआरपी, आरपीएफ व रेलवे कंट्रोल समेत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। दरअसल, कोरोना काल से बहजोई-अलीगढ़ रेल मार्ग जो सिंगल लाइन है, पर यात्री ट्रेनें नहीं चल रही हैं। इस रूट पर फिलहाल माल गाड़ी ही चल रही है। सिंगल रेल इंजन बबराला में खड़ी माल गाड़ी में जुड़ने जा रहा था। तभी बीच में यह हादसा हो गया।