बनियाठेर थाने में गिरफ्तार हत्यारोपी दंपति। स्रोत पुलिस
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बनियाठेर(संभल)। थाना क्षेत्र के गांव अकरौली में बच्चों के बीच हुए विवाद में 22 वर्षीय युवक की छुरा घोंप कर हत्या के मामले में पुलिस ने हत्यारोपी दंपती समेत एक बाल अपचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने हत्यारोपी दंपती को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
गांव अकरौली में रविवार की शाम सात बजे करीब आंबेडकर पार्क के निकट पतली गली में कुछ बच्चे छुपन छुपाई खेल रहे थे। तभी किसी बात को लेकर चरन सिंह के पुत्र शिवा और पड़ोसी भूरे के पुत्र विशाल के बीच कहासुनी हो गई थी। कहासुनी होती देख चरन सिंह ने दोनों बच्चों को डांट फटकार लगाते हुए भगा दिया। इसके बाद रात करीब नौ बजे भूरे, उसकी पत्नी ओमवती और 12 वर्षीय पुत्र तीनों लोग हाथों में डंडे और छुरा लेकर चरन सिंह के घर में घुस आए।
हमलावरों ने चरन सिंह पर हमला बोलते हुए मारपीट शुरू कर दी थी। शोर शराबा सुनकर चरन सिंह के भाई लल्लू सिंह उसका बेटा रूप कुमार व छविराम बचाने दौड़े। जैसे ही रूप कुमार ने भूरे से मारपीट का कारण पूछा। भूरे ने छुरा रूप कुमार के पेट में घोंप दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस ने मृतक के पिता की ओर से हत्यारोपी दंपती समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार की सुबह पुलिस ने हत्यारोपी भूरे और उसकी पत्नी ओमवती को टी प्वाइंट से गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि दंपती को गिरफ्तार कर निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छुरा और दो डंडे बरामद किए हैं। गिरफ्तार दंपती को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। वहीं बाल अपचारी को लेकर जांच की जा रही है।
हत्यारोपी का कबूलनामा
हत्यारोपी भूरे ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसका बेटा विशाल और गांव के चरन सिंह का पुत्र शिवा पास ही खाली पडे़ प्लाट में छुपा छुपाई खेल रहे थे। दोनों बच्चों के बीच खेलते समय कहासुनी हो गई थी। बेटे विशाल ने घर आकर बताया कि उसके साथ शिवा ने मारपीट की है। इसकी शिकायत करने मैं अपनी पत्नी ओमवती के साथ चरन सिंह के घर पर गए तो वहां पर चरन सिंह ने हमारी एक भी नहीं सुनी और उलटा मेरे साथ मारपीट पर उतारू हो गया। मैं अपने पास छुरा और डंडा और मेरी पत्नी ओमवती डंडा लेकर गई थी। मेरे और चरन सिंह के बीच हाथापाई हो रही थी। चरन सिंह को बचाने लल्लू सिंह व लल्लू सिंह का पुत्र रूपकुमार व भाई छविराम आ गए। मैंने खुद को घिरता हुआ देख अपने बचाव में हाथ में लिए छुरे को रूपकुमार के पेट में घोंप दिया। छुरा लगते हुए रूपकुमार गिर गया। तभी मैं और मेरी पत्नी ओमवती डर की वजह से भाग गए थे।