आलू में चांदी काटने की नीयत से कोल्ड स्टोरेज में भारी मात्रा में भंडारण करने वालों को झटका लगा है। बीते बीस दिनों में आलू के भाव 50-100 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई है।
हिमाचल प्रदेश के आलू की आवक मंडी में शुरू हो गई है लेकिन रफ्तार अभी कम है। पंद्रह दिन में आलू की आवक बढ़ेगी तो पैदावार का अंदाजा हो जाएगा। कर्नाटक का आलू सिंतबर में आएगा। यदि वहां पैदावार बहुत अच्छी हुई तो यूपी के आलू की मांग दूसरे प्रदेशों में घटेगी और भाव नीचे आएगा लेकिन यदि पैदावार कम हुई तो आलू के रेट में तेजी आएगी।
आलू के मामले में यह वर्ष तेजी का है। जो आलू पिछले वर्ष इन्हीं दिनों में 800 रुपये प्रति क्विंटल था वह आलू इस बार 1300-1350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है। आलू की डिमांड उत्तराखंड और दिल्ली मंडी में बनी हुई है लेकिन तेजी की उम्मीद कर रहे किसानों को यह जान लेना जरूरी है कि हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के आलू की पैदावार से यूपी का भाव प्रभावित होने के पूरे आसार हैं।