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उच्च अधिकारियों को कोरोना वैक्सीन फ्रीजर के खराब होने की थी जानकारी, फिर भी नहीं दिया ध्यान

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चंदौसी। कोरोना वैक्सीन रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट में गुन्नौर के आईएलआर यानी (आइस लाइनर रेफ्रीजरेटर) को खराब बताया था। कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण और उच्च अधिकारियों के दबाव के चलते स्थानीय स्तर पर मरम्मत कराकर उसी में कोरोना की वैक्सीन रखी दी गई थी। अभी मामले की जांच चल रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि जांच होने के बाद जवाबदेही तय होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गुन्नौर सीएचसी में रखे आइस लाइनर रेफ्रीजरेटर में गुरुवार की सुबह 103 वॉयल कोरोना वैक्सीन की जम गईं थीं। कोरोना वैक्सीन के आने के साथ ही शासन स्तर से जिला स्तर के लिए आईएलआर आए थे। संभल में एक जिला अस्पताल व नौ सीएचसी पर कोल्ड चेन मेेंटेन करने के लिए आईएलआर हैं। वैक्सीन आने से पहले स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी से आईएलआर की कार्यप्रणाली को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। मामले की जांच कर रहे एसीएमओ डॉ. रामजी लाल ने बताया कि गुन्नौर सीएचसी से स्वास्थ्य विभाग को मिली रिपोर्ट में आईएलआर को खराब बताया गया था। इसके बावजूद सीएमओ कार्यालय अथवा जिला प्रशासन की ओर से आईएलआर की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
स्थानीय स्तर पर ही आईएलआर की मरम्मत करा दी गई। वह ठीक हो गया, पर फ्रीजर के बजाय डीप फ्रीजर की तरह काम करने लगा। स्थानीय स्तर पर मरम्मत कराने के बाद किसी ने उसे चेक करना मुनासिब नहीं समझा। आनन फानन बुधवार 27 जनवरी को पहुंची कोरोना वैक्सीन की वॉयल को उसी आईएलआर में रख दिया गया और सुबह के समय वैक्सीन जमी हुई मिली। इस मामले में जांच कर रही दो सदस्यीय टीम अभी अपनी रिपोर्ट नहीं बना पाई है। जांच टीम के अधिकारी बाहर गए हुए हैं, इस कारण कुछ लोगों के बयान दर्ज होने से रह गए हैं।
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इन बिंदुओं पर टीम कर रही जांच
- आइएलआर की स्थिति को लेकर विभाग को क्या रिपोर्ट भेजी थी
- मरम्मत कराने के बाद उसकी जांच हुई थी या नहीं
- खराब आइएलआर में कोरोना वैक्सीन रखने के जिम्मेदार कौन-कौन अधिकारी व कर्मचारी हैं
- यदि आइएलआर ठीक नहीं हुआ था, तो विभाग को अवगत क्यों नहीं कराया गया
अब सीएचसी पर कोरोना वैक्सीन रखने के लिए आए नए आईएलआर फ्रीजर
चंदौसी। कोरोना वैक्सीन के साथ ही शासन ने जिला स्तर पर एक आइस लाइनर रेफ्रीजरेटर भेजा था। सीएचसी पर पुरानेे ही आईएलआर में कोरोना की वैक्सीन रखी गई थी। अब शासन ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आईएलआर भेज दिए हैं। संभल जनपद में एक जिला अस्पताल व नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिला मुख्यालय के लिए एक आईएलआर फ्रीजर पहले ही आ गया था और दो दिन पहले नौ आईएलआर शासन से विभाग को प्राप्त हो गए हैं। उन्हें सभी सीएचसी पर भेजा जा रहा है।
छह माह में ली जाती है रिपोर्ट, जिला स्तर पर तैनात है टैक्नीशियन
कोरोना वैक्सीन आने से पहले सभी सीएचसी से आईएलआर की रिपोर्ट ली गई थी। मैं देखकर ही बता सकता हूं, कि रिपोर्ट सही की आयी थी या खराब की। प्रत्येक छह माह में सीएचसी से इनकी रिपोर्ट मांगी जाती है। जो खराब हो जाते हैं, उन्हें कंडम घोषित कर दिया जाता है। उनकी देखरेख व मरम्मत के लिए जिला स्तर पर एक टैक्नीशियन की नियुक्ति है। डॉ. अजय कुमार सक्सेना, सीएमओ संभल
गुन्नौर सीएसी पर कोरोना वैक्सीन की वॉयल जमने के मामले की जांच चल रही है। जांच में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी। लापरवाही प्रतीत होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. अविनाश कृष्ण सिंह, डीएम संभल।
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