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कोरोना वायरस के हमले के बाद बटन के लिए आर्डर देने से परहेज कर रहा चीन

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संभल। सींग से तैयार होने वाले बटन का 70-80 करोड़ का वार्षिक निर्यात है। इसमें पचास प्रतिशत का खरीदार चीन है। कोरोना वायरस के हमले से पैदा हुए हालात पर भारत की बटन इंडस्ट्री प्रभावित है। निर्यातक पल पल नजर बनाए हुए है।
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संभल से बड़ी मात्रा में सींग से बना बटन निर्यात होता है। सबसे अधिक निर्यात चीन और जर्मनी में होता है। सींग से तैयार होने वाला बटन रेडिमेड कपड़े तैयार करने वाली नामचीन कंपनियों के वस्त्रों की शान बनता है। लेकिन जब से वायरस का हमला हुआ है तब से बटन इंडस्ट्री में एक ऊहापोह की स्थिति है। आगे क्या होगा, इस पर उद्यमियों की निगाह लगी है। वे पल-पल खबर ले रहे हैं। इन हालातों का कुछ विदेशी कारोबारी लाभ उठाने की तैयारी में हैं। वे भविष्य के सौदे मंदी में करना चाहते हैं जबकि भारतीय निर्यातक अपने भाव के हिसाब से सौदे तलाश रहे है।
भारत से बटन का कच्चा माल और बटन निर्यात करने वाले कारोबारियों ने बताया कि जितना माल पूरे संसार में जाता है उसका पचास प्रतिशत अकेले चीन खपाता है। इसलिए चीन के हालात पर हमारी नजर बनी हुई है। अब स्थिति सुधरे तो कारोबार को रफ्तार मिले। फिलहाल तो पुराने आर्डर की भी डिलीवरी नहीं हो रही है। माल तैयार रखा है। पहले तो चीन में नए वर्ष का अवकाश था। अब वायरस के हमले ने कारोबार पर रोक का माहौल बना दिया है। इन हालातों के सामान्य होने पर ही कारोबार को रफ्तार मिल सकेगी।
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फिलहाल डिलीवरी नहीं लेना चाहते चीन के कारोबारी
संभल। निर्यातक मोहम्मद मुकीम का कहना है कि कोरोना वायरस के हमले का असर केवल मेंथा कारोबार पर नहीं है बल्कि बटन के व्यापार पर भी है। जब से वायरस का हमला हुआ है बटन के आर्डर देने से चीन के कारोबारी परहेज कर रहे हैं। वायरस के हमले से निबटने के बाद चीन अपने आर्डर के माल की डिलीवरी कराना चाहते हैं लेकिन एक दो चीनी व्यापारी, भारतीय निर्यातकों को वायरस के हमले को मुद्दा बताकर भाव कम कराना चाहते हैं।
एक वर्ष में निर्यात होता है चीन को चालीस करोड़ का बटन
संभल। निर्यातक रोहित कुमार का कहना है कि चीन में वायरस के हमले के बाद हालात प्रभावित हैं। इसलिए कारोबार पर असर आने लगा है। एक वर्ष में सींग के बटन का आकार 70-80 करोड़ रुपये का निर्यात होता है। इसमें पचास प्रतिशत चीन ही खरीदता है। इसमें अधिकतर माल संभल से ही जाता है। वायरस का व्यापार पर असर है। क्योंकि विमान सेवाएं भी प्रभावित हो गईं हैं।
माल तैयार रखा है, पूंजी फंसने के आसार
संभल। निर्यातक मोहम्मद शारिक ने बताया कि उन्होंने चीन के आर्डर का माल तैयार करा लिया था लेकिन चीन के कारोबारी अभी माल नहीं ले रहे हैं। माल तैयार रखा है और उनकी पूंजी फंसी है। अब हमें हालात सामान्य होने का इंतजार है। बटन इंडस्ट्री संभल की मुख्य इंडस्ट्री है। अगर यही स्थिति रही तो मुश्किल बढ़ेगी।
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