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Sambhal News: संभल में कूड़ा कलेक्शन करने वाली संस्था का अनुबंध निरस्त

Mon, 12 Aug 2024 02:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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संभल। डीएम के निरीक्षण में घपलेबाजी उजागर होने के बाद डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कार्यदायी संस्था का रविवार को नगर पालिका ने अनुबंध निरस्त कर दिया। जांच में घोटाले की पुष्टि होने के बाद गबन धनराशि की रिकवरी की जाएगी। साथ ही खराब वाहनों की मरम्मत कराने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं।
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संभल नगर पालिका क्षेत्र में चार वर्ष से श्री बालाजी स्टील एंड बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर संस्था डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी निभा रही थी।कार्यदायी संस्था 50 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक यूजर चार्ज भी वसूल करती थी और पालिका से 246 कर्मचारियों का मानदेय भी लेती थी। 31 जुलाई को डीएम डॉ. राजेंद्र पैन्सिया ने निरीक्षण कर हकीकत जानी तो घपलेबाजी का मामला सामने आया। डीएम को 246 कर्मचारियों के सापेक्ष 146 कर्मचारी ही मौके पर मिले। एडीएम प्रदीप वर्मा की अध्यक्षता में समिति ने जांच शुरू की। शुरूआती जांच के बाद कार्यदायी संस्था का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। अब यह जांच की जा रही है कि शासकीय धन का कितना गबन किया गया है। पालिका के ईओ मणिभूषण तिवारी ने बताया कि अनुबंध निरस्त किया गया है। जांच में यदि घोटाला सामने आएगा तो गबन की गई धनराशि की वसूली की जाएगी। जो वाहन अनुबंध के समय कार्यदायी संस्था को दिए गए थे उनको उसी स्थिति में वापस किया जाएगा जिस स्थिति में दिए गए थे।


नियमों का ताख पर रखकर किया गया था अनुबंध
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कार्यदायी संस्था नोएडा की है। वर्ष 2020 में अनुबंध किया गया था। यह अनुबंध भी नियमों के खिलाफ था। ईओ मणिभूषण तिवारी ने बताया कि अनुबंध पहली बार तीन वर्ष का किया जाना था। उसके बाद यदि कार्य संतोषजनक होता तो आगे के लिए अनुबंध बढ़ाया जाता लेकिन वर्ष दर वर्ष अनुबंध किया गया। इससे भी घपलेबाजी का अंदेशा सामने आया है। बोर्ड की बैठक में हर वर्ष तय कर लिया जाता था उसके बाद जिम्मेदारी दे दी जाती थी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि इसमें कहीं न कहीं जिम्मेदार भी शामिल थे।
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तत्कालीन ईओ की भूमिका भी संदिग्ध
जिस तरह कार्यदायी संस्था ने पालिका में मनमानी की है। इसमें तत्कालीन ईओ की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है। नियमों का उल्लंघन हर वर्ष किया गया और निगरानी नहीं की गई। शिकायतों को भी नजरअंदाज किया गया। यह घपलेबाजी अब सामने आई है तो अधिकारी भी जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। 10 दिन की जांच में अभी अनुबंध ही निरस्त किया गया है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कितनी धनराशि का घोटाला किया गया।

कोट
अनुबंध निरस्त किया गया है। आगे की जांच समिति कर रही है। धनराशि का जो घोटाला सामने आएगा। उसकी वसूली की जाएगी। जो वाहन दिए गए थे उनको मरम्मत कराकर कार्यदायी संस्था से वापस लिया जाएगा। जांच अभी चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -मणिभूषण तिवारी, ईओ, पालिका संभल।
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