तहसील क्षेत्र के गांव रचैटा में तीन वर्ष में कैंसर से छह लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में दूषित पानी का कहर जारी है। गांव में दर्जन भर से ज्यादा लोग दूषित पानी पीने से बीमार हैं। ज्यादातर लोग बुुखार, पेट की बीमारी से पीड़ित हैं। कुछ घरों के हैंडपंप नाले से कुछ दूरी पर लगे हैं। जल निगम ने भी पानी के सैंपल लेने की सुध नहीं ली है।
क्षेत्र के गांव रचैटा की आबादी चार हजार है। गांव में लगे निजी और सरकारी हैंडपंप पिछले दूषित पानी उगल रहे हैं। गरीबी और मजदूरी की मार झेल रहे लोग पानी पीने को मजबूर हैं। दर्जन भर लोग पेट, बुखार जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं और इलाज के लिए मुरादाबाद के चक्कर लगा रहे हैं। गांव में एक तालाब भी बना हुआ है।
तालाब में नालों का गंदा पानी आकर रुकता है। इस कारण हैंडपंपों से दूषित पानी निकल रहा है। गांव में अब तक कैंसर से हाजी शरीफ अहमद, मोहम्मद हसनैन, बाबू बेग, शायरा खातून, होम सिंह, सलमा खातून की मौत हो चुकी है। कैंसर से हुई मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाने की सुध नहीं ली है।
गांव में जल निगम की टीम ने भी पानी के नमूने नहीं लिए हैं। ग्रामीण का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को मामले का संज्ञान लेते हुए शिविर लगाना चाहिए और बीमार हो रहे लोगों का परीक्षण करके उन्हें दवाई दी जानी चाहिए।