बहजोई। बिजलीघर पर रखा 10 एमवीए का विद्युत ट्रांसफॉर्मर खराब होने से पचास से अधिक गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को मुश्किल झेलनी पड़ी। जहां एक ओर ग्रामीणों व पशुओं को पेयजल की किल्लत रही। वहीं दूसरी ओर विद्युत उपकरण भी शोपीस रहे। साथ ही ग्रामीणों के जरूरी काम-काज प्रभावित रहे।वैसे तो बीते कुछ दिनों से बिजलीघर का 10 एमवीए का विद्युत ट्रांसफॉर्मर ओवर लोड होने के कारण ग्रामीण इलाकों में कटौती करते हुए बिजली आपूर्ति दी जा रही थी।
हाल यह था कि कभी कुछ गांवों में आपूर्ति दी जाती थी, तो दूसरे गांवों की आपूर्ति बंद रहती थी। बीते तीन दिनों में ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति न मिलने से दिक्कत और भी बढ़ गई थी। बावजूद इसके बृहस्पतिवार की रात अचानक 10 एमवीए के विद्युत ट्रांसफॉर्मर से ग्रामीण इलाकों की विद्युत आपूर्ति अचानक ठप हो गई। इससे बहजोई बिजलीघर से जुड़े करीब 50 से अधिक गांवों को बिजली मिलनी बंद हो गई। इससे करीब 10 हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ता मुश्किल में आ गए। शुक्रवार व शनिवार गर्मी के चलते ग्रामीण इलाकों में हाल बुरा रहा। पेयजल की किल्लत रही। बिजली से संचालित होने वाली सभी मशीनें थम गईं।
ग्रामीणों का कहना था कि बिजली न मिलने से सबमर्सिवल नहीं चल पा रहा है। चक्की से आटा नहीं पिस पा रहा है। ग्रामीणों समेत पशुओं तक को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। रात को अंधेरा होने से सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। जेई जयवीर सिंह का कहना है कि सुबह से ही खराब ट्रांसफॉर्मर को हटाकर नया ट्रांसफॉर्मर रखने की प्रक्रिया चल रही है। पूरी कोशिश है कि जल्द से जल्द ग्रामीण इलाकों को विद्युत आपूर्ति मिल सके। बता दें कि शुक्रवार को बिजली न मिलने से आजिज आकर गांव लहरावन के ग्रामीणों ने बिजलीघर पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया था। इस बीच ग्रामीणों की विद्युत अधिकारियों समेत पुलिस से भी तीखी नोकझोंक हुई। बाद में ग्रामीण हाइवे की एक लेन पर होते हुए नारेबाजी कर बड़ा मैदान की ओर वाले कलक्ट्रेट के द्वार पर पहुंचे थे और यहां ग्रामीणों ने बिजली न मिलने की समस्या बताते हुए डीएम को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा था।