चंदौसी (संभल)। मंडी समिति डबल फाटक पर स्वीकृत आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) का निर्माण के लिए अभी ओर इंतजार करना पड़ेगा। तीन माह से रेलवे के प्रधान कार्यालय बड़ोदरा हाउस दिल्ली में प्रस्ताव अटका होने की वजह से इस वर्ष भी निर्माण शुरू नहीं हो पाएगा। जिससे मंडी समिति पर रोजाना लगने वाले जाम से निजात की उम्मीद नहीं है।
शासन ने मार्च 2023 में चंदौसी मंडी समिति डबल फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की स्वीकृति देने के साथ ही करीब 58 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया था। इसके बाद शासन और कार्यदायी संस्था सेतु निगम ने रेलवे से अपनी जमीन में निर्माण के लिए स्वीकृति देने के लिए कहा था। मुरादाबाद रेलवे डिवीजन ने शासन की स्वीकृति और अपने सर्वे के करीब छह माह बाद सितंबर के आखिर में स्वीकृति का प्रस्ताव बनाकर रेलवे के प्रधान कार्यालय बडोदरा हाउस नई दिल्ली को भेजा था। प्रधान कार्यालय ने आपत्ति लगाकर उसे वापस कर दिया था। अक्तूबर माह में ही रेलवे डिवीजन ने संशोधन के साथ दोबारा से प्रस्ताव भेजा। यह प्रस्ताव प्रधान कार्यालय में जाकर अटक गया। दोबारा भेजे गए प्रस्ताव को भी तीन माह का समय हो गया, लेकिन अभी तक रेलवे के प्रधान कार्यालय ने कोई निर्णय नहीं लिया है।
रोजाना लगता है जाम
मंडी समिति फाटक पर रोजाना जाम लगता है। जिससे स्कूली बच्चे के साथ ही तहसील, गन्ना विभाग, ब्लॉक कार्यालय, मंडी समिति आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरओबी का प्रस्ताव अटका होने पर लोगों को अभी जाम से निजात नहीं मिल सकेेगी।
प्रधान कार्यालय से स्वीकृति मिलने में समय लगता है। अभी वहां से मंडी समिति डबल फाटक पर आरओबी बनाने के प्रस्ताव की स्वीकृति नहीं मिली है। जैसे स्वीकृति मिलेगी, सेतु निगम को सूचित कर आगे की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। -संजीव सक्सेना, असिस्टेंट इंजीनियर नॉर्दन रेलवे चंदौसी