संभल। कोतवाली पुलिस किसी मामले में गांव बिछौली निवासी एक युुवक को उठाकर लाई थी। कोतवाली परिसर में अचानक युवक की हालत बिगड़ी तो उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया। युवक की हालत बिगड़ने की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया। हंगामे की स्थित होने पर कोतवाली प्रभारी पहुंचे। हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। युवक उपचार में है।
दरअसल गांव बिछौली में एक ही समुदाय के अलग-अलग बिरादरी के लोगों में बुधवार को कोई विवाद था। सूचना पर पुलिस पहुंची थी। जहां से पुलिस एक युवक को पकड़कर कोतवाली ले आई। कोतवाली परिसर में युवक की हालत अचानक बिगड़ गई। जिसको पुलिस ने संभल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर पहुंचे परिजन भड़क गए। उन्होंने पुलिस पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया। पीड़ित परिजनों ने बताया कि गांव निवासी एक व्यक्ति ने उनके बेटे पर आरोप लगा दिया था। जिसमें पंचायत के माध्यम से समझौता चल रहा था। अचानक पुलिस पहुंची और उनके बेटे को पकड़ कर कोतवाली ले गई। आरोप है कि रास्ते भर पुलिस कर्मियों ने मारपीट की और कोतवाली में ले जाकर भी पीटा। मारपीट करने की बात युवक ने भी बताई है। इसी बात को लेकर हंगामा हुआ। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विकास सक्सेना ने हंगामा कर रहे लोगों को किसी तरह शांत किया। जब इस बारे में कोतवाली प्रभारी से बात करनी चाही तो उनसे बात नहीं हो सकी।
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प्रेम प्रसंग का मामला था। युवक को उसकी प्रेमी के परिजनों ने पकड़ लिया था। सूचना पर पुलिस पहुंची थी। जिसको कोतवाली लाया गया। युवक को दौरे पड़ने की समस्या था। इसी के चलते वह बेहोश हो गया था। दोनों पक्षों में जब समझौता हो गया तो युवक को घर भेज दिया गया। पुलिस पर मारपीट का आरोप गलत है। अरूण कुमार सिंह, सीओ, संभल