संभल। बहजोई डाकघर के सहायक दीपक कुमार ने चंदौसी डाकघर में रहते हुए भी लोगों के साथ धोखाधड़ी की थी। इसकी शिकायत चंदौसी कोतवाली में मुरादाबाद गेट निवासी महिला ललतेश वार्ष्णेय ने दर्ज कराई है। इसमें महिला ने बताया कि उसके पति की 17 नवंबर 2024 काके मृत्यु हो गई थी। उसके बाद से चंदौसी डाकघर में खुला खाता वह संचालित कर रही थीं। तीन हजार रुपये प्रति महीने जमा करने के लिए दीपक कुमार और उसके साथी को दिए थे। सोमवार को खाता चेक किया तो वह खाली मिला है। महिला का आरोप है कि दीपक कुमार और उसके साथी ने धोखाधड़ी की है।
दरअसल डाक सहायक की धोखाधड़ी का शिकार हुए लोग लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस की दो टीमें आरोपी डाक सहायक की तलाश नहीं कर पाई हैं। 4.52 करोड़ रुपये खाते में जमा किए गए थे और निकाले भी गए। इस राज को फाश डाक सहायक ही कर सकता है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है लेकिन वह भूमिगत है। सर्विलांस की टीम भी आरोपी तक नहीं पहुंच पा रही है। अभी तक 20 से ज्यादा लोग सामने आ चुके हैं जिनको दो लाख या उससे ज्यादा की धोखाधड़ी करने का आरोप है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि टीमें प्रयास में लगी हैं। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसके बाद ही पूरी घटना की हकीकत सामने आएगी। अंदेशा है कि इस धोखाधड़ी में अन्य लोगों की भूमिका भी हो सकती है।
नंबर बंद है और परिवार से भी संपर्क में नहीं, भूमिगत होने का पहले से प्लान तैयार होने का अंदेशा
डाक सहायक बेहद शातिराना तरीके से भूमिगत हुआ है। जिस नंबर को वह चला रहा था वह बंद है और खुला ही नहीं है। परिजनों से भी संपर्क में नहीं है। सर्विलांस की टीमें लगातार खोज रही हैं लेकिन सफलता नहीं मिली है। ऐसे में अंदेशा है कि उसने भूमिगत होने का पूरा प्लान पहले से तो तैयार नहीं कर लिया था। क्योंकि वह जानता था कि जो वह कर रहा है यह राज तो खुलना है। इसलिए उसने अपने खाते से बड़ी रकम निकाल ली है। हालांकि पुलिस परिवार व परिचित लोगों से पूछताछ कर चुकी है। सफलता नहीं मिली है।