संभल। ओलावृष्टि से हुई क्षतिपूर्ति का भुगतान करने के लिए शासन ने संभल जिले के लिए 12 करोड़ रुपये भेजे हैं लेकिन जिस सूची पर यह धनराशि मंगाई गई है उस सूची में तमाम अपात्र किसान शामिल हैं। उप जिलाधिकारी के पास भी इस तरह की शिकायतें आईं और इसके बाद उन्होंने कहा कि शासन को भेजी गई सूची का फिर से सत्यापन करने के बाद क्षतिपूर्ति का भुगतान होगा।
क्षतिपूर्ति की सूची से अपात्र किसानों के नाम हटाए जाएंगे और पात्र किसानों के नाम शामिल किए जाएंगे। कौन अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल है, यह स्पष्ट करने के लिए किसान संगठनों को प्रशासन की ओर से पात्रों की सूची दिखाई जाएगी।
संभल जिले की संभल तहसील के गांवों में 12-13 दिसंबर 2019 को ओलावृष्टि से भारी क्षति हुई थी। आलू और लाही सरसों की फसल नष्ट हो गई थी। किसानों की मांग पर राजस्व विभाग ने सर्वे किया और क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए शासन से 12 करोड़ रुपये की मांग की थी। शासन ने यह राशि मंजूर कर दी और अब जिला प्रशासन को धनराशि मिल गई है। शासन को 25456 किसानों की सूची भेजी गई थी। शासन ने इसी सूची के आधार पर धनराशि मंजूर की है लेकिन जब धनराशि प्राप्त हुई तो सूची देखने के बाद तमाम शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया। उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने बताया कि शिकायतों के मद्देनजर सूची का सत्यापन कराया जा रहा है। सूची के सत्यापन में राजस्व विभाग की टीम लगी है। राजस्व विभाग द्वारा सत्यापित सूची को किसान संगठनों के पदाधिकारियों के समक्ष प्रदर्शित किया जाएगा।
अक्तूबर में होगा क्षतिपूर्ति 12 करोड़ का भुगतान होगा
संभल। वैसे तो प्रशासन का प्रयास है कि क्षतिपूर्ति के 12 करोड़ का भुगतान जल्दी से जल्दी किया जाएगा लेकिन यह भुगतान अक्टूबर में हर हाल में शुरू हो जाएगा। यह जानकारी उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने दी। उन्होंने बताया कि किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए उनके खाता नंबर भी लिए जा रहे हैं। सूची बन रही है। पहली सूची के आधार पर क्षतिपूर्ति का वितरण जल्द से जल्द करने की तैयारी है।