मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को संभल के पूर्व जिला महासचिव रहे केपी यादव के आवास पर जाकर परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। इस दौरान परिजन सीएम के पहुंचते ही फफक कर रो पड़े। मुख्यमंत्री परिजनों के आंसू देखकर भावुक से हो गए। लेकिन संभलते हुए परिजनों के आंसू पोंछकर हमेशा उनका साथ देने का भरोसा दिलाया। केपी यादव की पत्नी को नौकरी, बच्चों की शिक्षित कराने का भी आश्वासन दिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री दिवंगत सपा नेता केपी यादव के आवास चैंचरी (संभल) पहुंचे। तीनों नेताओं के साथ सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां, विधायक लक्ष्मी गौतम, विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव भी घर के अंदर गए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच केपी यादव की मां बिलासो देवी, पिता पर्वत सिंह, पत्नी मिथलेश, बहन राजबाला, भाई बालिस्टर व ऋषिपाल सिंह, तीन पुत्रों सहित सभी फफक पड़े। किसी तरह उन्हें चुप कराया।
परिवार के मुखिया की तरह सीएम ने बड़े भाई की तरह परिवार से जुड़े रहने का भरोसा दिया। राजबाला ने कहा कि कुछ ऐसा हो जाए कि बच्चों की परवरिश हो जाए। फिरोज खां ने मिथलेश को नौकरी की बात रखी तो सीएम ने हामी भर दी। दोनों बच्चों की पढ़ाई का भार उठाने की भी बात कही। फोन नंबर दिया, जब भी जरूरत पड़े, मुझे सीधे फोन कर लें।
इसके बाद सीएम प्रस्थान कर गए। यहां जुगुल किशोर वाल्मीकि, सुहैल इकबाल, जियाउर्रहमान बर्क, हरवीर सिंह यादव, पप्पू चौधरी, राहुल यादव, सतीश प्रेमी, हरप्रकाश शर्मा, चौधरी नदीम, सुबहान एडवोकेट, वनवारी लाल पाठक, गालिब खान, रेनू कुमारी, संगीता यादव, महमूद अख्तर, डीपी यादव, नीलेश यादव, रऊफ शेरी, नदीम शम्शी, प्रमोद यादव, सुरेंद्र सिंह यादव, आरिफ खां, अमित यादव, गौरी शंकर यादव, खुशनवाज खां आदि कई नेता शामिल रहे।
इससे पहले सीएम बिलारी के सपा विधायक हाजी मोहम्मद इरफान के आवास पर उनके परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। के निकट ही मुहम्मद अली जौहर एमआई इंटर कालेज में तीजे की फातेहा के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र थे। पूर्वाह्न 10.53 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर पहुंचा। उनके साथ बदायूं के सांसद धर्मेद्र यादव, राज्यमंत्री अभिषेक मिश्र, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के चेयरमैन जावेद आब्दी भी थे।
सभी सबसे पहले कार से दिवंगत हाजी इरफान के आवास पहुंचे। यहां उनकी मां हज्जन हाजरा बेगम से मिले तो वह फूट-फूट कर रो पड़ी। उन्हें चुप कराते हुए उनका हाथ सिर पर रखवाकर आशीर्वाद लिया। विधायक के भाई उस्मान ने पूरी घटना बताने के साथ ही यह भी कहाकि उझानी से बरेली पहुंचने तक चार घंटे लगे लेकिन डाक्टरों ने उचित फर्स्टएड नहीं दी। समाजवादी एंबुलेंस में कोई सुविधा नहीं थी।
इस पर मुख्यमंत्री ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। यहीं मृतक चालक फरजंद अली के परिजनों से भी मिले। बाद में कालेज में आकर दो मिनट का मौन रखकर शोर संवेदना व्यक्त करते हुए कहाकि विधायक के अधूरे कार्यों का पूरा करने का भरोसा दिया। यहां विधायक हाजी रिजवान, विधायक यूसुफ अंसारी, विधायक अशफाक हुसैन, पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क, सपा जिलाध्यक्ष इकराम कुरैशी, डीसीबी चेयरमैन राजेश यादव आदि मौजूद रहे।