स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान संभल के गांव मोहम्मदपुर टांडा में एक महिला बगैर किसी डिग्री के नर्सिंग होम चलाती मिली। नर्सिंग होम को सीज कर दिया गया है। वहीं, महिला के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई है। मोहम्मदपुर टांडा लोगों ने झोलाछापों द्वारा मरीजों की जान से खिलवाड़ करने की शिकायत जिलाधिकारी एनकेएस चौहान से की थी।
इस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ को कार्रवाई के आदेश दिए थे। सीएमओ डा. उमराव सिंह ने जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए डा. कप्तान सिंह को मौके पर भेजा। उन्होंने बुधवार को दोपहर टीम मोहम्मदपुर टांडा में चेकिंग के लिए पहुंची। यहां एक नर्सिंग होम में जांच की।
यहां एक महिला बिना डिग्री नर्सिंग होम चलाती मिली। जांच में पता चला कि वह कोई भी डाक्टरी प्रमाणपत्र नहीं दिखा सकी। इस दौरान नर्सिंग होम में दो महिला मरीज भर्ती मिलीं। वहीं, एक मरीज उपचार कराने के लिए इंतजार कर रही थी। तीनों के नाम पते नोट करने के बाद उन्हें नर्सिंग होम से बाहर किया गया। इसके बाद नर्सिंग होम को सीज किया गया। डिप्टी सीएमओ डाक्टर कप्तान सिंह ने बताया कि मोहम्मदपुर टांडा में महिला बिना किसी डिग्री के नर्सिंग होम चला रही थी।
जांच के दौरान वह मौका पाकर खिसक ली। मामले में तहरीर दे दी गई है। एफआईआर दर्ज करने के बाद अगली कार्रवाई पुलिस करेगी।