सरायतरीन। पवांसा ब्लॉक के अतरासी गांव में शासन के संचारी रोग दस्तक अभियान की हकीकत कुछ और है। गांव में गंदगी और जलभराव से ग्रामीण त्रस्त हैं, रविवार को उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा चलाया गया विशेष साफ-सफाई अभियान अतरासी में सिर्फ फाइलों में ही चल रहा है। जमीन पर 17 दिन बीत जाने के बाद भी गांव में एक बार भी फॉगिंग नहीं कराई गई है। ग्राम पंचायत सचिव से कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
गांव में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का हाल भी बुरा है। अस्पताल जाने वाले मुख्य मार्ग पर कीचड़ और चारों तरफ कूड़े के ढेर लगे हैं। ऐसे में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गांव निवासी रामगोपाल यादव ने बताया कि घर के पास स्थित तालाब की महीनों से सफाई नहीं हुई है। गांव के कोने-कोने में कूड़े के ढेर लगे हैं। मुख्य मार्ग पर घुटनों तक कीचड़ और गंदा पानी भरा है, जिससे निकलना दूभर हो गया है। इन कूड़े के ढेरों में पनप रहे मच्छरों के कारण गांव में डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने तत्काल साफ-सफाई और फॉगिंग की मांग की है।
प्रदर्शन करने वालों में राम खिलाड़ी यादव, सत्यपाल यादव, वेद राम, ओमप्रकाश, सुनीता देवी, शीला देवी, भूरी देवी, उपदेश, डिप्टी यादव, धर्मेश यादव और बाबू सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की अपील की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
डीपीआरओ गिरीश कुमार ने बताया कि अतरासी में तालाब की सफाई और जलभराव के मामले की जानकारी मिली है। तालाब की सफाई को प्राथमिकता पर लिया गया है, जल्द ही सफाई कराई जाएगी और जलभराव की समस्या का भी समाधान किया जाएगा।