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यह कैसी लिपिकीय त्रुटि- चौकी इंचार्ज ने संस्तुति की, कोतवाल ने देखा तक नहीं, एसडीएम ने जारी कर दिए नोटिस

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संभल। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसान नेताओं को 50-50 लाख रुपये के मुचलके से पाबंद किए जाने का खासा विरोध हुआ है। इस मामले ने नोटिस जारी होने के बाद तूल पकड़ा तो एसपी ने सफाई दी कि लिपिकीय त्रुटि के चलते यह सब हुआ। इस तरह उन्होंने विरोध करने वाले किसानों को शांत करने का प्रयास किया। हालांकि अपने दो सिपाहियों को गवाह बनाकर खिरनी के चौकी इंचार्ज ने जो संस्तुति की थी, उसे न तो हयातनगर के कोतवाल ने देखा और न ही संभल के एसडीएम ने इस पर कोई टीका-टिप्पणी की। बस आंख मूंदकर नोटिस जारी कर दिया।
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खिरनी के चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह ने नोटिस में पचास लाख रुपये के निजी मुचलके तथा इतनी ही धनराशि की दो-दो जमानतें दाखिल कराने के लिए अपनी संस्तुति के साथ चालान की रिपोर्ट हयातनगर थाने के कोतवाल विद्युत गोयल को भेजी। कोतवाल ने उसमें कोई बदलाव नहीं किया जबकि मात्र पांच लाइन का नोटिस था। नोटिस की सबसे आखिरी लाइन में 50-50 लाख रुपये से पाबंद करने की संस्तुति की गई है। उन्होंने रिपोर्ट को एसडीएम की अदालत के लिए अग्रसारित कर दिया। एसडीएम ने इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर नोटिस जारी कर दिए। इसमें राजपाल यादव, सतेंद्र उर्फ गंगाफल, ब्रह्मचारी, वीर सिंह, रोहदास, जयवीर सिंह पाबंद करने की संस्तुति की गई है।
नोटिस जैसे ही किसान नेताओं के हाथ पहुंचा तो उन्होंने विरोध किया और प्रशासन की नोटिस को सवालों के घेरे में ले लिया। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन उनका संवैधानिक हक है तो फिर 50-50 लाख रुपये के मुचलके से पाबंद करने का क्या औचित्य है? इसके बाद प्रशासन पीछे हटा और नोटिस को निरस्त कर दिया गया।
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क्या कहते हैं अधिकारी
नोटिस पचास हजार का भेजना था, लिपिकीय त्रुटि के चलते 50 लाख रुपये का हो गया। उप जिलाधिकारी ने उसके बाद नोटिस निरस्त करने की जानकारी मुझे दी है।
- चक्रेश मिश्र, पुलिस अधीक्षक, संभल
हयातनगर के प्रभारी निरीक्षक ने शांतिभंग के अंदेशे में 50-50 लाख रुपये के निजी मुचलके से पाबंद किए जाने संस्तुति की थी। उसके आधार पर ही 13 दिसंबर को नोटिस जारी किया गया था। लेकिन 18 दिसंबर को थाना पुलिस ने ही लिपिकीय त्रुटि स्वीकारी और इसके बाद नोटिस निरस्त कर दिया गया है।
- दीपेंद्र यादव, उप जिलाधिकारी, संभल
अंग्रेजी शासन की याद दिलाता है यह नोटिस
संभल। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि संभल जिले में किसान नेताओं के नाम 50-50 लाख रुपये के मुचलके से पाबंद करने के नोटिस जारी किए गए हैं। इसने अंग्रेजी शासन की याद दिला दी। लेकिन सरकार को जान लेना चाहिए कि ऐसे नोटिस से यह आंदोलन दबने वाला नहीं है।
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