संभल। करीब ढाई माह पूर्व गांव मन्नीखेड़ा के जंगल में सरसों के खेत में मिट्टी में दबी मिली नवजात (अब बुलबुल) को जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस ने बुलबुल को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। जहां से उसे बदायूं शिशु गृह में भेजा गया है।नखासा थाना क्षेत्र के गांव मन्नीखेड़ा में चार नवंबर को नवजात शिशु को सरसों के खेत में जान लेने की नीयत से गड्ढा खोदकर दबा दिया गया था। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुटे और नवजात शिशु को मिट्टी से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और शिशु को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद उसका उपचार जिला अस्पताल में हो रहा था। अस्पताल में एक माह रहने के बाद उसे दूसरे स्थान जाना था, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से वह दूसरे स्थान पर उस समय नहीं जा पाई। अब करीब 71 दिन बाद उसे डिस्चार्ज किया गया। पुलिस ने उसे बहजोई में बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। समिति के अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने बताया कि मन्नीखेड़ा में मिली नवजात को जिला अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है। बच्ची को बदायूं शिशु गृह में भेजने का निर्णय लिया है।