चंदौसी/कुढ़ फतेहगढ़। बिलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े चंदौसी तहसील क्षेत्र के पैगारफातपुर गांव के मजरा मैनपुरी में गुरुवार की रात एक शिशु की मौत हो गई। जबकि दूसरे की हालत बिगड़ गई। परिजनों द्वारा टीकाकरण के बाद दोनों शिशुओं की हालत बिगड़ने का आरोप लगाए जाने के बाद डाक्टरों की टीम ने गांव का दौरा कर मामले की जांच की। डॉक्टरों ने कहा कि शिशु की मौत टीकाकरण की वजह से नहीं बल्कि अन्य कारणों से हुई है।
मैनपुरी गांव में गुरुवार को अपराह्न करीब तीन बजे एएनएम आशा सैनी और आशा भूरी देवी द्वारा आठ बच्चों का टीकाकरण किया गया। गर्भवती महिलाओं को भी टीके लगाए गए। परिजनों का आरोप है कि टीकाकरण के बाद राजेंद्र सिंह के दो माह के बेटे आयुष और आकाश के तीन माह के पुत्र भरत की तबियत बिगड़ गई। एएनएम ने कोई क़ार्ड नहीं दिया बल्कि रजिस्टर में नाम अंकित किया था। रात्रि दो बजे के बाद आयुष की मौत हो गई। हालांकि उसे बिलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। लेकिन, वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने टीकाकरण के कारण मौत होने का आरोप लगाते हुए सीएमओ मुरादाबाद से शिकायत की तो बिलारी सीएचसी के प्रभारी डॉ. संदीप कुमार गुप्ता अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। मामले की जांच की। डॉ. संदीप ने बताया कि बच्चे की मौत टीकाकरण के कारण नहीं बल्कि अन्य किसी कारण से हुई है, क्योंकि यहां आठ बच्चों का टीकाकरण किया गया। सभी स्वस्थ है। टीकाकरण के बाद हल्का बुखार तो आता ही है, जिसकी देखरेख करनी चाहिए।