विकास खंड रजपुरा क्षेत्र के ग्राम जैदासपुर निवासी विजयराम वाल्मीकि पुत्र श्यौदान वाल्मीकि का परिवार प्रदेश की अफसरशाही और व्यवस्था पर सवाल बना हुआ है। विजयराम भूमिहीन गरीब मजदूर अपने परिवार के साथ टूटी झोपड़ी में रहता है, लेकिन ग्रामप्रधान व ग्रामपंचायत अधिकारी को उसका मकान पक्का नजर आता है। इस लिए उसको आवास योजना से अपात्र घोषित कर दिया गया।
आरोप है कि बीस हजार रुपये की रिश्वत नहीं देने की वजह से उसको पात्र होते हुए भी आवास नहीं दिया गया। क्षेत्र के ग्राम जैदासपुर निवासी विजयराम वाल्मीकि मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। परिवार में एक बूढ़ी मां, पत्नी के अलावा सात बच्चे हैं। इनमें से तीन लड़की शादी के लायक हैं। पीड़ित विजयराम ने बताया कि उसने आवास के लिए दो बार आवेदन किया, लेकिन ग्रामपंचायत अधिकारी ने अपात्र दर्शा दिया। उसने बताया कि वह गांव में मजदूरी करता है। अगर एक दिन भी उसने मजदूरी नहीं की तो उसके घर में चूल्हा नहीं जलेगा।
अपने परिवार के साथ टूटी फूटी झोपड़ी में रहकर वह गुजारा करता है। आवास योजना के लिए उसने दो बार आवेदन किया, लेकिन ग्रामपंचायत अधिकारी को रिश्वत नहीं दी तो उसे अपात्र दर्शा दिया गया। इस संबंध में ग्रामपंचायत अधिकारी राजवीर सिंह का कहना है कि उसका आवास योजना के लिए सूची में नाम भेजा गया है।