उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल के सामने सरकारी चिकित्सा सेवाओं की कलई खुल गई। जिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता लगा कि मरीजों के लिए लगी लिफ्ट दो वर्ष से नहीं चली। वहीं जननी सुरक्षा योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई। असमोली ब्लाक के शहबाजपुरकला गांव में प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल का दौरा तूफानी रहा। वह कुल दस मिनट रुके।
कई लाेग अपनी समस्याएं कहना चाहते थे, लेकिन प्रमुख सचिव का दौरा संक्षिप्त होने से उनको अपनी बात पूरी तरह से कहने का मौका नहीं मिला। प्रमुख सचिव दिन में 1.00 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी से लेकर ओटी तक दौरा किया। इसी दौरान सपा नेता खिजर गौस ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना में वसूली करने की शिकायत की थी। इस पर प्रमुख सचिव ने सीएमओ और सीएमएस को कार्रवाई के आदेश दिए।
वहीं शहबाजपुरकला गांव ग्रामीणों में इस बात को लेकर अफसोस था। वह अपनी समस्याओं को नहीं उठा सके। प्रमुख सचिव से ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति न मिलने की शिकायत की। इस पर प्रमुख सचिव ने जेई को फटकार लगाई। सुचारू रूप से पर्याप्त विद्युत आपूर्ति दिने का निर्देश दिया। गांव के ही अतीक की ओर से सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। कब्जा मुक्त करने के आदेश दिए।
प्रमुख सचिव ने संभल तहसील के कैलादेवी गांव में पांच करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। संभल के जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था देखी। शहबाजपुरकला में निर्माणाधीन राजकीय इंटर कालेज की इमारत का अवलोकन किया। गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने के आदेश दिए। ब्लाक कार्यालय का भी प्रमुख सचिव ने निरीक्षण किया।