संभल। 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में जान गंवाने वाले पांच लोगों के परिजनों से बृहस्पतिवार को जमीयत उलमा-ए- हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने सरायतरीन की एक मस्जिद में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल की ओर से पांचों मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। इससे पहले भी जमीयत की ओर से इन पांचों मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए जा चुके हैं।
इस प्रतिनिधिमंडल में जमीयत के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी, जमीयत गुजरात के उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल कुद्दूस पालनपुरी, मौलाना अबुल हसन सिवानी और मौलाना नदीम अहमद बदरखा शामिल रहे। जमीयत के महासचिव ने बताया कि यह एक-एक लाख रुपये के चेक रमजान से पहले खर्च के लिए दिए गए हैं। जिससे पीड़ित परिवारों की कुछ हद तक मदद हो सके। बताया कि यह आर्थिक मदद जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के निर्देश पर की गई है।
मालूम हो बवाल के दौरान मोहल्ला कोटगर्बी निवासी नईम, अयान, तुर्तीपुर इल्हा निवासी कैफ, सरायतरीन निवासी बिलाल और हयातनगर निवासी रोमान की जान चली गई थी। इसमें रोमान के परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव सुपुर्द ए खाक कर दिया था। अन्य चार मृतकों के परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
हत्या का खुलासा संभल कोतवाली पुलिस ने कर दिया है। शारिक साटा के इशारे पर उसकी गिरोह के सदस्यों ने गोली चलाई थी। पुलिस ने चारों मृतकों की हत्या के आरोप में मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम को जेल भेज दिया है। शारिक साटा भी इन हत्याओं में आरोपी है। अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। जमीयत के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संभल के शहीद परिवारों से मुलाकात की। प्रत्येक परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।