संभल। जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल को सात महीने से ज्यादा का समय बीत गया है। इसमें तीन महिला समेत 96 आरोपी एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इन 96 आरोपियों में से एक ही आरोपी की जेल से रिहाई हो सकी है। अन्य 95 आरोपी जेल में बंद हैं। हालांकि 20 से ज्यादा आरोपियों की हाईकोर्ट से 67 बेल हो चुकी हैं। अन्य मामलों में भी बेल के लिए प्रयास कर रहे हैं।
जो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। वह तीन से चार मुकदमों में आरोपी हैं। सभी मुकदमों में बेल मिलने के बाद ही जेल से बाहर आ सकेंगे। जो एक आरोपी जेल से बाहर आया है, वह एक ही मुकदमे में आरोपी था।
24 नवंबर की सुबह में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल शुरू हुआ था। जामा मस्जिद के नजदीक पांच लोगों की जान चली गई थी। इसमें चार हत्या के मामले दर्ज किए गए थे। जबकि पांचवें मृतक के परिजनों ने कार्रवाई से इन्कार कर दिया था। इस बवाल में 29 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। यह बवाल जामा मस्जिद पर पुलिस ने काबू किया तो नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में बवाल किया गया था। इन इलाकों में भी तोड़फोड़, आगजनी, फायरिंग हुई थी। दीपा सराय इलाके में दरोगा और सिपाही पर हमला किया गया था।
संभल और नखासा थाना पुलिस ने 11 मुकदमे दर्ज किए थे। मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी। जो बाद में ट्रांसफर होकर संभल कोतवाली आ गई थी। एसआईटी ने 12 मुकदमों की जांच की। इसमें 11 मुकदमों की चार्जशीट कोर्ट में फाइल की जा चुकी है। जो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। उनकी जमानत सेशन कोर्ट से तो खारिज हो चुकी हैं। इसलिए जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट से ही 20 से ज्यादा आरोपियों को 67 बेल मिलीं हैं। सभी मुकदमों में बेल मिलने के बाद ही रिहाई हो सकेगी।