मौसम में हो रहे बदलाव से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी, जकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बुधवार को जिला अस्पताल में 725 ओपीडी हुई। जिनमें से करीब 150 मरीज खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित थे। वहीं डिहाइड्रेशन के मरीजों का भी अस्पताल में भर्ती है।
जिले में तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद अब उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल है। मौसम में परिवर्तन से बढ़ी उमस और गर्मी के साथ ही जिले में संक्रामक रोग भी बढ़ने लगे हैं। वहीं बच्चे भी मौसमी बीमारियां (डायरिया, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार) की चपेट में आ रहे हैं। जिले में सरकारी, निजी चिकित्सालयों और क्लीनिकों में रोजाना बड़ी संख्या में मौसमी बीमारियों के मरीज आ रहे हैं।
जिला अस्पताल में बुधवार को 725 मरीज अपनी जांच कराने पहुंचे। डॉ. चमन प्रकाश का कहना है कि तापमान बढ़ने और शरीर में पानी की कमी से डायरिया की शिकायत होती है। इसके अलावा खानपान में लापरवाही भी बीमारी का कारण बनती है। मौसम में बदलाव होने से सर्दी, जुकाम, डायरिया और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अधिक पानी पीने सलाह दी। कहा कि अधिक तैलीय पदार्थ का सेवन न करें। तरल पदार्थ अधिक खाने से बीमारी से बचा जा सकता है।