टिकट की मजबूत दावेदार विमलेश कुमारी का खेमा इसे लेकर उत्साहित है। विधानसभा के आगामी चुनाव में पार्टी उन्हें उम्मीदवार बना सकती है।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जिले की चारों विधानसभा सीटों पर कब्जा किया था। इसमें सपा की लक्ष्मी गौतम चंदौसी से विधायक चुनीं गईं थीं। कांग्रेस के तत्कालीन प्रत्याशी सतीश प्रेमी ने 13443 मत पाए थे। वह अब कांग्रेस में नहीं हैं। इन दिनों सपा में है और टिकट की दावेदारी कर रहे हैं व गुरुवार को भी लखनऊ में ही हैं। जब उन्हें गुरुवार की रात चंदौसी सीट गठबंधन में दिए जाने की जानकारी उन्हें दी गई तो वे बोले- अभी ये सीट कांग्रेस को नहीं दी गई है।
कांग्रेस में इस सीट को जीतने के लिए मजबूत दावेदार भी नहीं हैं। फिलहाल, नेतृत्व के निर्देश का इंतजार करेंगे। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से टिकट की दावेदार विमलेश कुमारी का कहना था कि कांग्रेस को जिले मे एक सीट मिलनी थी। अगर चंदौसी सीट मिली है तो यह बड़ी खुशी का मौका है। अब वह नेतृत्व से अपने लिए टिकट की उम्मीद करती हैं। इस बीच सपा के जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने गुरुवार को रात्रि साढ़े ग्यारह बजे लखनऊ से बताया कि चंदौसी सीट गठबंधन में दिए जाने का विचार दो दिनों से चल रहा था।