चंदौसी। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। करोड़ों रुपये खर्च कर बने नाले भी जलभराव रोकने में नाकाम साबित हुए हैं।
चंद मिनट की बारिश में ही मुख्य सड़कें, रेलवे स्टेशन रोड, सब्जी मंडी सहित कई मोहल्ले पानी में डूब जाते हैं। लगभग सभी मोहल्लों में एक से दो फीट तक पानी भर जाता है। बारिश थमने के तीन-चार घंटे बाद ही स्थिति सामान्य हो पाती है। नगर पालिका प्रशासन पुराने जल निकासी और सड़कों पर जमा सिल्ट को इसका कारण मानता है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चे, दफ्तर जाने वाले लोग और दुकानदार प्रभावित होते हैं। रुड़की के जल संरक्षण विशेषज्ञ सुधांशु अग्रवाल का कहना है कि केवल नाले बनाना स्थायी समाधान नहीं है। इसके लिए वैज्ञानिक जल निकासी प्रणाली और वर्षा जल संचयन व्यवस्था लागू करनी होगी।
यहां होता है जलभराव
जैसे ही तेज बारिश शुरू होती है, शहर की मुख्य सड़कें, रेलवे स्टेशन रोड, सब्जी मंडी, फव्वारा चौक, सीता आश्रम रोड, गणेश कालौनी, संभल गेट, गोलागंज, सलीम की पुलिया, आरएस इंटर कालेज, हनुमान गढ़ी के निचले क्षेत्र पानी से भर जाते हैं। लगभग सभी मोहल्लों में एक से दो फीट तक पानी भरने की शिकायतें आती हैं। बारिश थमने के तीन से चार घंटे बाद ही स्थिति सामान्य हो पाती है।
जलभराव से निजात को ठोस कदम उठाने होंगे
1. मानसून से पहले और बारिश के दौरान भी रैपिड सफाई दल तैनात किए जाने चाहिए।
2. मुख्य नालों को चौड़ा कर उनकी डिस्चार्ज क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए।
3. जलभराव वाले 10 हॉटस्पॉट पर स्थाई पंप हाउस बनाए जाने चाहिए।
4. बारिश के समय नालों में कूड़ा न डालने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए।
बारिश होते ही स्टेशन रोड पर पानी भर जाता है। दुकानों और घरों के सामने पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
संगीता भार्गव, निवासी स्टेशन रोड
हल्की बारिश में ही दुकान के सामने सड़क पर पानी भर जाता है। जलभराव के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पाते और कारोबार प्रभावित होता है।
देवी दयाल, दुकानदार स्टेशन रोड
बारिश के दौरान स्टेशन रोड पर कई जगह पानी जमा हो जाता है। पानी निकलने में कई घंटे लगते हैं, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी होती है।
अनिल कुमार शर्मा, दुकानदार स्टेशन रोड
गोलागंज में बारिश के बाद गलियों और सड़कों पर पानी भर जाता है। जलभराव के कारण घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है और लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
शाहआलम मंसूरी, निवासी गोलागंज
जारई गेट क्षेत्र में बारिश के बाद सड़क पर काफी पानी जमा हो जाता है। जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में दिक्कत होती है।
मोहम्म्द सद्दाम चिश्ती, निवासी जारई गेट
बारिश से शहर में कुछ देर के लिए सड़कों पर पानी भरने की वजह नालों पर अतिक्रमण और कुछ नाले सकरे होना है। शहर में जलभराव न हो इसके लिए बारिश से पहले ही नालों की सफाई करा दी गई थी। अतिक्रमण के कारण कई जगह सफाई में दिक्कत भी हुई। पालिका की ओर से शहर में चार स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगवाए गए हैं। हर संभव शहर वासियों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
सत्येंद्र प्रकाश, ईओ चंदौसी