बहजोई के गांव भरतपुर में घटना के दूसरे दिन विलाप करती मृतक की पत्नी विमलेश।
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संभल। संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र में दो सिपाहियों ब्रजपाल और हरेंद्र की हत्या कर फरार हुए बंदियों में से पुलिस रम्पुरा निवासी अपराधी कमल को मुठभेड़ में मार चुकी है, लेकिन दो अपराधी भरतपुर का धर्मपाल और रम्पुरा का शकील अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस ने धर्मपाल के भाई उदयवीर के बेटे धर्मेश समेत कई करीबियों व रिश्तेदारों पर धर्मपाल की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया।
इसी बीच 23 जुलाई की सुबह साढ़े पांच बजे करीब धर्मपाल के भाई उदयवीर का शव आम के पेड़ से लटका मिला था। पत्नी अब पूरे मामले में पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रही है। इनमें पत्नी का कहना है कि यदि पुलिस इतनी दबिश न देती और परेशान न करती तो उसके पति की जान न जाती। वहीं बेटे का कहना है कि जब धर्मपाल से उसके परिवार का कोई सरोकार नहीं है तो फिर पुलिस अपराधियों की तरह व्यवहार करते हुए उनके परिवार को क्यों तंग कर रही है। बेटे धर्मेश का कहना है कि उसके एक चचेरे चाचा अभी भी पुलिस के कब्जे में हैं और मौसा अमर सिंह पुलिस से भय से भागे हुए हैं। वह खुद 21 से 23 जुलाई तक धनारी पुलिस के कब्जे में रहा और पुलिस ने टॉर्चर किया। उसके चेहरे पर टॉर्चर के निशान हैं।
पिता की मौत के बाद पुलिस ने आनन-फानन में 23 जुलाई की सुबह दस बजे करीब उसे धनारी थाने से बहजोई स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर पर छोड़ा था। इस बीच उदयवीर की पत्नी ने कहा कि पुलिस ने जो धमकियां दी थीं, वे सच साबित हुईं। उसके मुताबिक दबिश देने आई पुलिस ने उनसे कहा था कि धर्मपाल नहीं मिला तो तेरे बेटे को जेल भेज देंगे और तुझे विधवा बना देंगे। वही बात सही निकली है।
पति को मार कर लटकाया गया या फिर वे पुलिस के डर में मौत का शिकार हुए। इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है क्योंकि उन्हें तो तब पता लगा जब लाश लटकी हुई थी। अब वह भविष्य को लेकर चिंता में हैं कि उसकी नैया कौन पार लगाएगा। कैसे परिवार का पालन पोषण होगा। पति अकेले ही अनाज मंडी में पल्लेदारी कर बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण कर रहे थे।