चंदौसी। दो पुलिस कर्मियों की हत्या कर रायफल लूटकर भागे फरार बंदियों को पुलिस तीसरे दिन भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। काबिंग को छोड़कर शुक्रवार को दिनभर एडीजी, आईजी, एसपी सहित पुलिस अधिकारी दिनभर फरार बंदियों की गिरफ्तारी की कार्ययोजना तैयार करने में जुटे रहे। सभी दस टीमों के प्रभारियों के साथ बैठक की गई।
गुरुवार की रात ही सभी पुलिस अधिकारी बहजोई पहुंचे।
एसटीएफ के आईजी अमिताभ एस. ने सभी अधिकारियों के साथ बैठक करके अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। टीमों के रातभर में दबिश के लिए रवाना किया गया। शुक्रवार की सुबह तक भी जब पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा तो एडीजी अविनाश चंद्र व पुलिस महानिरीक्षक रमित शर्मा ने बहजोई में फरार बंदियों की गिरफ्तारी में लगाई गई सभी दस टीमों, एसटीएफ, एसपी आदि सभी अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक करके मंथन किया। फरार बंदी कहां भाग सकते हैं। क्षेत्र में छिपे हो सकते हैं या फिर किसी फुल प्रूफ योजना के तहत बंदी फरार हुए हैं। फरारी के लिए किसी वाहन आदि की व्यवस्था की गई। यदि ऐसा है तो बंदी कहां भाग सकते हैं। अधिक संभावनाए तो क्षेत्र में ही छिपे होने की है। इन सभी बिंदुओं पर राय शुमारी की गई।
इसके अलावा गठित की गई दस टीमों में से किसने अब तक क्या काम किया। इस पर भी टीमवार चर्चा की गई। एडीजी व आईजी ने मिलकर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की। जिसके तहत सभी टीम प्रभारियों को अलग अलग कार्य सौंपा गया है। जिसमें जिले के चंदौसी, संभल, गुन्नौर के सीओ, कोतवाल प्रभारी, थानाध्यक्षों को शामिल किया गया है। इसके अलावा संभल जिले में रहे तेजतर्रार इंस्पेक्टरों को भी अमरोहा, रामपुर, बरेली आदि से बुलाया गया है।
उन्हें भी अलग से जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी टीमें अपने अपने मिशन पर रवाना हो गई है। क्या कार्ययोजना तैयार की गई है, इसे पुलिस ने गुप्त रखा है। इधर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक जायसवाल व सीओ पूनम मिश्रा ने बनियाठेर थाने पर जाकर करीब दो घंटे तक क्षेत्र के सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों की स्थिति को भी खंगाला है। पुलिस को आशंका है कि यह कार्य तीन बंदियों ने अकेले नहीं किया होगा। इसमें कुछ और लोग या पूरा गिरोह शामिल हो सकता है। इस पर भी पुलिस लगातार कार्य कर रही है।
दिनभर लगातार कड़ी मेहनत के बावजूद यह भी सच है कि तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली है। जबकि प्रदेश के डीजीपी ने चौबीस घंटे के अंदर बेहतर परिणाम के अपेक्षा की थी लेकिन पुलिस अभी तक फरार बंदियों का कोई भी सुराग नहीं लगा सकी है।
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दिनभर फरार बंदियों की गिरफ्तारी के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। उच्चाधिकारियों ने भी बैठक करके कार्य योजना तैयार की है। बंदियों से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की की गई है, जिनसे कुछ अहम सुराग मिले है, उम्मीद है कि शीघ्र ही फरार बंदी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। -यमुना प्रसाद, पुलिस अधीक्षक संभल