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...तो क्या अपने ही दो गुर्गों को धोखा दे गया मास्टर माइंड शकील

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चंदौसी। कमल को ढेर कर दिया गया। धर्मपाल के बारे में सूचना मिली थी कि वह भी कमल के साथ ही छिपा था लेकिन अभी तक मास्टर माइंड शकील का कोई सुराग नहीं लग सका है। माना यह भी जा रही है कि शायद शकील ने अपने दोनों गुर्गों को धोखा देकर अपनी दिशा बदल ली है।
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अमरोहा जिले में पुलिस की मुठभेड़ में पुलिस को दो फरार बंदियों के साथ होने की सूचना मिली थी, जिस पर सर्च आपरेशन शुरू किया गया था। अमरोहा पुलिस तो तत्काल लग ही गई थी, क्योंकि बंदियों की लोकेशन भी अमरोहा जिले में मिली थी। काफी देर तक ऊहापोह की स्थिति बनी रही। जहां फरार बंदियों की लोकेशन मिल रही है, वह स्थान संभल जिले में हैं या अमरोहा जिले में। लेकिन जब पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामला अमरोहा जिले का है, तो आपरेशन शुरू किया गया। संभल के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद भी अपने दलबल के साथ पहुंचे।
कुल मिलाकर एक फरार बंदी कमल को मार गिराया गया। लेकिन दूसरे बंदी धर्मपाल को लेकर रातभर असमंजस की स्थिति बनी रही। लेकिन इसमें शकील की लोकेशन कहीं नहीं मिली। पुलिस भी मानती है कि कमल के साथ धर्मपाल हो सकता है, जो फिलहाल भागने में कामयाब रहा लेकिन शकील की लोकेशन नहीं मिली। जाहिर है कि शकील, इन दोनों के साथ नहीं था। शातिर धोखा देने में भी माहिर है, वह किसी को भी कभी भी धोखा दे सकता है।
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कमल व धर्मपाल दोनों ही उसके ही गुर्गे थे। लेकिन बात जब जिंदगी पर बनी तो खुद का जीवन बचाने के लिए उसने अपने दोनों साथियों को भी धोखा देने में देर नहीं लगाई। वह इन दोनों से अलग हो गया और अपनी राह अलग बना ली।
तीनों के पास मोबाइल फोन नहीं है। इसलिए तीनों के बीच कम्युनिकेशन इतना आसान भी नहीं है। कोई अन्य अब इनका साथ देने से हिचकेगा, क्योंकि शकील के संपर्क में आने उस व्यक्ति को पुलिस रडार पर ले सकती है। लेकिन सवाल अभी भी यही है कि कमल और धर्मपाल यदि अमरोहा के जंगलों में छिपे थे तो फिर शकील कहां है।
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