संभल। गांव भारतल सिरसी में स्थित संत जोगा सिंह चाहल के समाधि स्थल के हिंदू जागृति मंच के सदस्यों ने दर्शन किए। उनकी प्रतिमा एवं समाधि देखी। गुरुद्वारे में भजन कीर्तन किया गया। चाहल चौथ के प्रबंधक खिलेंद्र सिंह ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के सेनापति के रूप में संत जोगा सिंह चाहल की विशेष और अमिट पहचान है।
प्रबंधक ने कहा कि संत जोगा सिंह की वीरता, सत्य, साहस, त्याग और समर्पण के अनेक मार्मिक प्रसंग सुनाकर उनकी स्मृति को जीवंत किया। चाहल चौथ जाट समाज के त्याग और बलिदान का स्मारक स्थल है। आचार्य दुष्यंत शास्त्री ने चाहल चौथ की व्यवस्था, दिव्यता, भव्यता, प्रचार प्रसार एवं जाट समाज के आदर्श रूप में स्थापित करने का श्रेय खिलेंद्र सिंह को दिया।
वरिष्ठ कवि त्यागी अशोका कृष्णम ने चाहल चौथ को संपूर्ण हिंदू समाज का प्रेरणा स्थल बताते हुए संत जोगा सिंह के अदम्य साहस, शौर्य, और हिंदू समाज की रक्षार्थ जीवन का त्याग करने के लिए सेल्यूट किया। उमेश सैनी, कपिल गुप्ता, अरुण अग्रवाल, हर्षित शर्मा ने खिलेंद्र सिंह, दुष्यंत शास्त्री को शॉल ओढ़ाकर माल्यार्पण के साथ अभिनंदन किया। उनके द्वारा समाज को अर्पित की गई सेवाओं को नमन किया। इस दौरान गंगा रस्तोगी, बबीता भारद्वाज, अंशिका सैनी, सुमनलता शर्मा, रूपाली गुप्ता, शोभा गर्ग, गंगा रस्तोगी, हंसमुखी, मीनू रस्तोगी, अंकुर रस्तोगी, शालिनी रस्तोगी, आशा गुप्ता आदि रहे।