चंदौीस के संभल गेट स्थित प्रथमा बैंक में छापे के दौरान बैंक के पास खड़े सीबीआई टीम के सदस्य। स
चंदौसी(संभल)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को संभल गेट स्थित प्रथमा ग्रामीण बैंक पर छापा मारा। लोन के नाम पर 30 रुपये की रिश्वतखोरी की शिकायत पर शाखा प्रबंधक पिंकेश कुमार और फील्ड ऑफिसर शैलेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। हालांकि सीबीआई टीम मीडिया से बचती रही। सूत्रों के मुताबिक शिकायतकर्ता अपनी बहन के साथ चंदौसी में एक कपड़े की दुकान चलाता है और अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए, शिकायतकर्ता की बहन ने चंदौसी में एक लघु-स्तरीय परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के अंतर्गत प्रथमा ग्रामीण बैंक शाखा संभल गेट में तीन लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक ने 2.70 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया था। कुल स्वीकृत राशि में से, 1,82,500 रुपये शिकायतकर्ता की बहन को दिए गए, लेकिन शेष राशि रोक ली गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी फील्ड ऑफिसर शैलेंद्र सिंह ने शेष ऋण राशि जारी करने के लिए 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। जांच के दौरान, यह पता चला कि आरोपी फील्ड ऑफिसर ने शाखा प्रबंधक पिंकेश कुमार के साथ साजिश करके रिश्वत मांगी थी। बातचीत के बाद 30 हजार रुपये देने पर सहमति बन गई।
इस बीच पीड़ित ने सीबीआई से मामले की शिकायत कर दी। सीबीआई ने जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपियों ने इसे स्वीकार भी कर लिया। सीबीआई गिरफ्तअपने साथ ले गई। वहीं इस दौरान सीबीआई टीम में आए अधिकारी कुछ बताने से मीडिया से परहेज करते रहे। बैंक के चैनल पर अंदर से ताला लगा कर टीम कार्रवाई करती रही।