आयुष्मान जन आरोग्य योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में अब कैशलेस सिजेरियन प्रसव की सुविधा नहीं मिल सकेगी। शासन का जोर सामान्य प्रसव पर अधिक है। इस कारण रोक लगाई है। सरकारी चिकित्सालयों में गोल्डनकार्ड से कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती रहेगी।
संभल जिले में आयुष्मान योजना के अंतर्गत 164000 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। योजना में पात्र गोल्डन कार्ड धारक परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक इलाज निशुल्क मिलता है। इसमें कई गंभीर बीमारियों के साथ प्रसव (सामान्य व सिजेरियन) की सुविधा भी है। संभल जिले में योजना से जुड़े छह निजी अस्पतालों में प्रसव कराए जाते थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले व प्रदेश के अन्य जिलों में अधिकांश निजी अस्पतालों में योजना के तहत ऑपरेशन से ही अधिकांश प्रसव कराए जा रहे हैं। सामान्य प्रसवों की संख्या बहुत कम है। इस कारण शासन ने निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड से गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन प्रसव पर रोक लगा दी है। योजना में सरकारी अस्पताल में ही गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन प्रसव कराया सकेगा।
जिले में सरकारी में मात्र तीन स्थान पर सिजेरियन की सुविधा
जिले में 17 अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं। इनमें दस अस्पताल सरकारी व सात निजी अस्पताल हैं। सात में से छह निजी अस्पतालों में सिजेरियन प्रसव की सुविधा है। सरकारी अस्पतालों में संभल जिला अस्पताल, गुन्नौर व बहजोई सीएचसी में ही सिजेरियन की सुविधा है। योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों में सिजेरियन बंद करने से कार्ड धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। चिकित्सकों के मुताबिक कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि तीमारदार प्रसूता को प्रसव के लिए सीधे निजी अस्पताल लेकर पहुंच जाते हैं। ऐसे में कैशलेस की सुविधा का लाभ न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड से कैशलेस सिजेरियन प्रसव पर शासन ने रोक लगा दी है। इस बारे में आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पताल संचालकों को अवगत करा दिया गया है।
डॉ. हरवेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान योजना, संभल