संभल। नखासा थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव में संचालित हो रहे अवैध स्वीमिंग पूल संचालन करने वाले बाप-बेटों व अज्ञात कुछ लड़कों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई थाने में तैनात दरोगा रविंद्र कुमार सिंह की तहरीर के आधार पर हुई है। इस अवैध स्वीमिंग पूल में डूबकर 25 मई की दोपहर गांव पीपली रहमापुर निवासी 18 वर्षीय सोहिल की मौत हो गई थी।
दरोगा ने थाने में दी तहरीर में बताया कि गांव सलारपुर निवासी हाजी मकसूद और उसके बेटे वासिद खान और मोहम्मद उवैस ने अपने खेत में स्वीमिंग पूल बना रखा है। यह पूल सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता था। इसमें जीवन रक्षक जैकेट या प्रशिक्षित गोताखोर जैसे सुरक्षा इंतजाम नहीं है। 40 रुपये प्रति घंटा नहाने का लोगों से लेता है।
दरोगा ने आगे कहा है कि 25 मई को सोहिल अपने चचेरे भाई समीर और हसन के साथ वहां नहाने गया था। नहाते समय सोहिल डूब गया। उसकी मौत हो गई। दरोगा ने माना है कि यह पूरी लापरवाही संचालक की ओर से हुई है। तहरीर के आधार पर संचालक बाप-बेटे व अज्ञात कुछ लड़कों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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जिले में 20 से ज्यादा अवैध स्वीमिंग पूल, प्रशासन की अनदेखी जान पर न पड़ जाए भारी
संभल शहर के आसपास ही आठ स्वीमिंग पूल का संचालन किया जा रहा है। इसमें सभी अवैध हैं। न कोई मानक पूरा किया गया है और न नहा रहे बच्चे, किशोर और वयस्कों पर नजर रखने वाला है। सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं अपनी सुरक्षा के लिए लेकिन मॉनिटरिंग वह भी नहीं की जाती। इसी तरह चंदौसी, बहजोई और गुन्नौर क्षेत्र में भी अवैध स्वीमिंग पूल का संचालन किया जाता है। साल-दर-साल इन अवैध स्वीमिंग पूल में जान जाती रहती हैं लेकिन प्रशासन की अनदेखी कम नहीं हुई। हादसों के बाद प्रशासन चेतता जरूर है लेकिन संचालन पर रोक लगाने में नाकाम साबित होता है।