जुनावई। थाना क्षेत्र के गांव में 15 दिन पूर्व बच्चों के विवाद को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट में थाना पुलिस ने एक पक्ष के आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर चार को जेल भेज दिया था, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से रिपोर्ट नहीं लिखी गई। इस पर न्यायालय की शरण ली कोर्ट के आदेश पर थाना पुलिस को नौ नामजद और आठ से दस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।
थाना क्षेत्र के रिबाड़ा गांव में बीती 13 मई को बरात आई थी। किसी बात को लेकर बच्चों में मारपीट हो गई। जब बच्चों ने अपने परिवार वालों को बताया तो दोनों परिवारों के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से जमकर लाठी डंडे चले, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं थीं। थाना पुलिस द्वारा दोनों पक्षों का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। 14 मई को भारत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने साबिर सहित आठ लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से चारों को जेल भेज दिया गया था। साबिर पक्ष के लोगों ने भी रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। इस पर साबिर की पत्नी मोबीना द्वारा अदालत में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार की गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश थाना पुलिस को दिए। थाना प्रभारी धीरज कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मोबीना की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर विपिन, निखिल, हीरा लाल, सुनील, हरिकेश, मुकेश, विजेंद्र, टिंकू एवं भारत के अलावा आठ से दस अज्ञात लोगों के खिलाफ घर में घुसकर जान से मारने की नियत से धारदार हथियारों से मारपीट करने एवं जान से मारने की धमकी देने के साथ ही महिलाओं के साथ अभद्रता करते हुए छेड़छाड़ करने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।