एसपी ने बताया कि हिलाल, अमान, अलवीना, रईस और नईम आदि ने शिकायती पत्र दिया था। जिसमें बताया था कि एफएलसी कंपनी ने उनके साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है। इसमें नई सराय निवासी सैफुल शामिल है। जो कंपनी का डायरेक्टर बताकर लोगों से निवेश कराता है। अब कंपनी में जो निवेश किया वह भी रुपये नहीं मिले। एसपी ने बताया कि जब इस मामले की जांच कराई गई तो सामने आया कि जावेद हबीब, उसके बेटे अनोस हबीब, सैफुल ने सम्मेलन कराया था। जिसमें लोग शामिल हुए और इसी सम्मेलन के माध्यम से लोगों को मुनाफा दिए जाने का लालच दिया और निवेश कराया। बताया कि 10 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। जिसमें लाखों रुपये गबन किए हैं। इस मामले में सैफल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में जावेद हबीब और उसके बेटे अनोस हबीब के नाम भी प्रकाश में आए। इसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
चार करोड़ रुपये से ज्यादा का गबन, महिलाएं भी पीड़ित, लेकिन नहीं आ रही सामने
एफएलसी में निवेश के नाम पर ठगी का शिकार हुए पीड़ितों में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। लेकिन यह पीड़ित महिलाएं सामने नहीं आ रही हैं। 10 लोगाें ने जांच के दौरान अपने बयान दर्ज कराए हैं। ठगी का शिकार हुए अमान ने बताया कि चार करोड़ रुपये से ज्यादा का गबन किया गया है। जिस एप पर निवेश कराया जाता था उसमें डॉलर प्रदर्शित किए जाते थे जो अब दिखते नहीं है। बताया कि महिलाएं भी काफी शामिल हैं जिनके 50 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक निवेश हैं।
पीड़ितों ने कंपनी डायरेक्टर बताने वाले आरोपी की जांच की मांग उठाई
एफएलसी में डायरेक्टर बताने वाले सैफुल की संपत्ति व बैंक खातों की जांच की मांग पीड़ितों ने उठाई है। 10 पीड़ितों ने बयान दिए हैं। इसमें बताया है कि कंपनी का डायरेक्टर बताने वाले आरोपी सैफुल ने संभल में मुरादाबाद मार्ग पर सी मार्ट के पीछे घर बना लिया है और कारोबार शुरू कर दिए हैं जबकि इस कंपनी में निवेश कराने से पहले आर्थिक स्थिति कमजोर थी। सभी पीड़ितों ने संपत्ति व बैंक खातों की जांच कराने की मांग की है।
कुछ लोगों ने निवेश के नाम पर ठगी की शिकायत की थी। इसकी जांच कराई गई तो लाखों रुपये से जुड़ा मामला प्रकाश में आया। इसमें जावेद हबीब समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आगे की जांच की जा रही है। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल