संभल में सरकारी और आरक्षित भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए चलाए जा रहे जिला प्रशासन के अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। असमोली थाना क्षेत्र के आरार्या बुजुर्ग गांव में तालाब की जमीन पर अवैध रूप से बने एक बरात घर और मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया है।
इसके अलावा एक मस्जिद को भी हटाने के लिए स्थानीय कमेटी को चार दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद कमेटी ने खुद ढांचा हटाना शुरू कर दिया है। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में माैजूद तालाब की जमीन पर अवैध तरीके से बरात घर और मदरसा तैयार किया गया था।
उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच बरात घर को ध्वस्त कर दिया गया है। अवैध निर्माण के कब्जेदारों को पहले दो नोटिस जारी किए गए थे। सुनवाई के दौरान वह पेश हुए लेकिन जमीन के मालिकाना हक से जुड़े कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।
इसके बाद एक माह पहले तीन दिन की मोहलत देते हुए दो सितंबर को अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी कर दिए गए थे। इसी गांव में अवैध रूप से बनी मस्जिद को लेकर प्रशासन ने नरमी दिखाते हुए कमेटी को खुद कब्जा हटाने का समय दिया। तहसीलदार ने बताया कि मस्जिद कमेटी ने अतिक्रमण हटाने के लिए चार दिन का समय मांगा था।
उसे जिलाधिकारी ने मंजूर कर लिया। कमेटी के सदस्य यासीन ने पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन की समय मांगने के साथ उन्होंने खुद मस्जिद का ढांचा हटाना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि यह जमीन तालाब क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत है। तीन दिन का नोटिस देने के बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाया गया था।
इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी रखी गई। उन्होंने पुष्टि की कि बरात घर और मदरसा दोनों ही अवैध तरीके से बनाए गए थे। जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया ने स्पष्ट किया कि पूरे जिले में अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है। यह मामला पिछले तीन से चार महीने से चल रहा था। बताया कि सरकारी और आरक्षित जमीनों को हर हाल में खाली कराया जाएगा।