संभल। जिले के छह ब्लॉक में 87 सरकारी स्कूलों के भवन जर्जर हालत में हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की जांच टीम ने जुलाई में हुए निरीक्षण के बाद इन भवनों को जर्जर घोषित किया है। इन जर्जर भवनों के निर्माण या मरम्मत के लिए कोई निश्चित समय तय नहीं किया गया है। इन असुरक्षित इमारतों से बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है।
जिले के आठ ब्लॉक में 1289 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें ज्यादातर देहात क्षेत्र में संचालित होते हैं। फिलहाल छह ब्लॉक का निरीक्षण हो चुका है। दो ब्लॉक की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। बीएसए अलका शर्मा ने बताया कि जर्जर घोषित स्कूलों के भवनों में बच्चों को पढ़ाई नहीं कराई जाती है। यदि पूरे स्कूल का भवन जर्जर पाया जाता है, तो बच्चों को तुरंत दूसरे सुरक्षित स्कूलों में स्थानांतरित किया जाता है। यह कदम बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों के लिए उठाया जाता है।
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105 बच्चे दूसरे स्कूल में शिफ्ट किए गए
संभल के हल्लू सराय स्थित परिषदीय स्कूल के 105 बच्चे कोटपूर्वी स्थित दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कर दिए हैं। शुक्रवार से इन बच्चों की पढ़ाई भी दूसरे स्कूल में शुरू करा दी गई है। इसके लिए प्रधानाध्यापिका को निर्देश बृहस्पतिवार को ही जारी कर दिए गए थे।
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इन ब्लॉक में हैं जर्जर स्कूलों के भवन
जुनावई- 24
बनियाखेड़ा- 11
पवांसा- 18
संभल- 10
असमोली-10
गुन्नौर- 14
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बहजोई और रजपुरा ब्लॉक की रिपोर्ट बीएसए तक नहीं पहुंची
जिले के ब्लॉक बहजोई और रजपुरा में भी जर्जर भवनों की जांच होनी है। इसके लिए जुलाई में ही निर्देश किए गए थे लेकिन अभी तक इन दोनों ब्लॉक की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है कि इन ब्लॉक के स्कूलों में जर्जर भवन हैं या नहीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।