चंदौसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 58.50 लाख रुपये की लागत बिल्डिंग तैयार है लेकिन डायलिसिस के लिए मरीजों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। फिलहाल मरीज मुरादाबाद, अलीगढ़, बरेली जाकर मंहगा उपचार कराने के लिए मजबूर हैं। उनका कहना है कि डायलिसिस यूनिट शुरू हो तो किडनी के महंगे इलाज में कुछ राहत मिले। यूनिट की बिल्डिंग के निर्माण को हुए चार माह बीत गए लेकिन इसके हैंडओवर का मामला विभाग और कार्यदायी संस्था के बीच उलझा हुआ है।
संभल जिले में किडनी के मरीजों के उपचार के लिए चंदौसी के सामुदायिक केंद्र में डायलिसिस यूनिट के लिए बिल्डिंग का निर्माण आठ सितंबर 2021 को शुरू हुआ था। शासन ने निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लोक निगम प्रखंड मुरादाबाद को सौंपी थी। कार्यदायी संस्था 58.50 लाख रुपये की लागत से बिल्डिंग निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा का चुकी है। यह यूनिट लखनऊ की एक एजेंसी को पीपीपी मॉडल पर संचालित करनी है लेकिन हैरानी की बात यह है निर्माण पूरा होने का बोर्ड लगे हुए भी चार माह बीत गए लेकिन यह बिल्डिंग अभी स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर नहीं हो पाई है। जिम्मेदारों का कहना है कि कार्यदायी संस्था के जेई ने 25 मई को हैंडओवर के लिए रिपोर्ट सही बनाकर नहीं दी थी। उन्हें दोबारा से रिपोर्ट बनाकर देने को कहा गया है।
मुझे किडनी की समस्या है और डायलिसिस के लिए मुरादाबाद या बरेली जाना पड़ता है। जाने में किराये का खर्च और उपचार भी महंगा पड़ रहा है। चंदौसी में डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाती है तो बीमारी में लग रहा खर्च भी कम हो जाता। इसके शुरू होने का इंतजार कर रहा हूं।
दुष्यंत कुमार, मोहल्ला कैथल चंदौसी
किडनी की समस्या के चलते डायलिसिस करानी पड़ रही थी। यहां से बरेली अथवा दिल्ली जाना पड़ता था। किडनी का इलाज बहुत महंगा है चंदौसी की यूनिट शुरू हो जाए तो डायलिसिस कराने में आसानी होगी। इससे बीमारी का खर्च भी कम हो जाएगा।
अशोक रस्तोगी, मोहल्ला सुभाष रोड चंदौसी
कार्यदायी संस्था के जेई ने 25 मई को हैंडओवर के लिए रिपोर्ट सही बनाकर नहीं दी थी। उन्हें दोबारा से रिपोर्ट बनाकर देने को कहा गया है। जल्द ही डायलिसिस यूनिट को हैंडओवर करके रिपोर्ट शासन को दी जाएगी और उसका संचालन कराया जाएगा। ताकि मरीजों को लाभ मिल सके।
डॉ. कुलदीप कुमार, प्रभारी सीएमओ संभल