शोभापुर में पागल कुत्ते के काटने से भैंस की मौत हो गई। इससे गांव की डेयरी से लिया गया दूध पीने वाले स्कूली बच्चों समेत स्टाफ को एंटी रैबीज लगाई गई। पूरे मामले में प्रधानाध्यापक की ओर से बीएसए को पत्र लिखकर जानकारी दी गई थी। बीएसए का पत्र मिलने के बाद सीएमओ ने गांव में स्वास्थ्य टीम को भेजकर बच्चों व स्टाफ को वैक्सीन लगवाई।
शुक्रवार को सुबह साढ़े नौ बजे के करीब विकासखंड बहजोई के गांव शोभापुर में पहुंची स्वास्थ्य टीम ने प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान समेत 60 बच्चों व 2 रसोइयाें को एंटी रैबीज लगाई। पूरे मामले में शोभापुर के प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक विनोद कुमार की ओर से बीएसए को पत्र लिखकर जानकारी दी गई थी कि 20-25 दिन पहले गांव में एक पागल कुत्ते ने कई भैंसों को काट लिया था।
इससे 3 अगस्त को भैंस की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि भैंस का दूध गांव की डेयरी पर आता है और गांव की डेयरी से दूध विद्यालय में लिया गया था। यही दूध मध्यान्ह भोजन योजना के तहत विद्यालय के बच्चों ने पीया। इसको लेकर एहतियातन बच्चों को वैक्सीन लगाई गई। चिकित्साधीक्षक डॉ. विरास यादव ने बताया कि तय समय पर बच्चों व स्टाफ आदि को एंटी रैबीज की अन्य डोज भी लगाई जाएगी।
कुत्ते के काटने से भैंस के दूध में किसी भी प्रकार के रैबीज का वायरस नहीं पनपता है। इसके चलते भैंस का दूध पीने वाले लोगों पर भी इसका कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।
डॉ. रमेश कुमार, पशु चिकित्साधिकारी, बहजोई
अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिसमें कि किसी कुत्ते के काटने से भैंस के दूध में रैबीज का वायरस पहुंचा हो या फिर किसी व्यक्ति को भैंस का दूध पीने से नुकसान हुआ हो। बावजूद इसके शोभापुर में स्कूल के बच्चों व दूसरे स्टाफ को एहतियातन सुरक्षा की दृष्टि से एंटी रैबीज का टीका लगाया गया है।
डॉ. विरास, चिकित्साधीक्षक, सीएचसी बहजोई