गुन्नौर(संभल)। शनिवार शाम गांव मीरमपुर में एक परचून की दुकान पर बैठे भाई-बहनों ने खाने का चूरन समझकर चूहे मार दवाई का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन घबरा गए और दोनों बच्चों को सीएचसी लेकर आए। जहां एक बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
गांव मीरमपुर निवासी जुगलकिशोर ने बताया कि शनिवार शाम साढ़े छह बजे करीब वह अपनी परचून की दुकान पर ग्राहकों को सामान दे रहा था। दुकान पर उसके बड़े भाई तोताराम की आठ वर्षीय बेटी चांदनी और दो वर्षीय बेटा भोले बैठा था। जिन्होंने दुकान पर रखा एक पैकेट उठा लिया और उसे चूरन समझकर दोनों भाई-बहन ने खा लिया। जब दुकानदार की नजर उन बच्चों पर पड़ी, तो उसने बच्चों के हाथ से चूहे मार दवाई छीनकर फेंक दी। थोड़े ही देर में बच्चों की तबीयत बिगडने लगी। जिसके बाद परिजन उन्हें सीएचसी लेकर आए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चांदनी की तबीयत में सुधार आ गया। लेकिन भोले को चिकित्सक ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।