रेल झूले की पटरी टूटने के बाद झूले से कूदते बच्चे।
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
संभल के गांव शहबाजपुर सूरानगला में नेजा मेले के दौरान मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा होने से बच गया। मेले में चलते वक्त अचानक रेल झूले की पटरी आवाज के साथ टूट गई। झूले पर कई बच्चे सवार थे, लेकिन गनीमत रही किसी को चोट नहीं आई। झूला नहीं पलटा। झूला टूटने पर बच्चों के परिजनों में चीखपुकार मच गई।
सैयद सालार मसूद गाजी की याद में मंगलवार को संभल-चंदौसी मार्ग पर गांव शहबाजपुर सूरा नगला में नेजा मेले का आयोजन हुआ। सुबह से ही शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोग मेले में पहुंचने लगे। खरीदारी के साथ ही झूलों का आनंद लिया जाने लगा। बच्चे चाट पकौड़ी खाने के साथ ही झूले झूलने लगे। मेला मैदान में रेल झूला लगा था। झूला लोहे की पटरी पर चल रहा था। झूले पर तमाम बच्चे सवार थे।
दोपहर के वक्त अचानक झूले की की पटरी टूट गई। झूला एक तरफ को झुक गया। इसमें सवार बच्चों में चीख पुकार मच गई। मौजूद परिजनों ने नजारा देखा तो अफरातफरी मच गई। परिजनों ने आनन फानन में बच्चों को नीचे उतारा। चूंकि झूला जमीन से करीब नौ फीट ऊंचाई पर लगा था। इसलिए झूला पलट सकता था। लेकिन गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। न तो झूला पलटा और न ही किसी बच्चे को चोट आई। इस बीच लोगों का आक्रोश भड़कने और कार्रवाई के डर से झूले का संचालक भी भाग गया।
शहबाजपुर सूरा नगला में लगे नेजा मेले को देखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से ट्रैक्टर ट्राली और ट्रकों से हजारों लोग पहुंचे। मेले से कुछ पहले एक ट्रक का पहिया अचानक खंदक में घुस गया। इससे ट्रक अनियंत्रित हो गया। ट्रक में कई लोग सवार थे। चालक ने सूझबूझ से काम किया। ट्रक को आगे नहीं बढ़ाया। वरना ट्रक पलट सकता था। इस बीच ट्रक में सवार लोगों में चीख पुकार का माहौल हो गया।
नेजा मेले में मौत का कुआं भी लगा। तमाम लोगों ने कुएं में कलाकारों के करतब देखे और दांतों तले अंगुलियां दबाने के लिए मजबूर हुए। बताते चलें कि मौत के कुएं लगने की वजह से पहले हादसे सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके पुलिस और प्रशासन का इस तरफ ध्यान नहीं है।