प्राचीन तीर्थ श्रीवंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर के महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज ने बताया कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, संभल की धरती पर भगवान कल्कि अवतार लेंगे। भगवान की जन्मस्थली होने की वजह से अयोध्या, मथुरा व वृंदावन की तरह यहां पर भगवान कल्कि की भूमि की परिक्रमा करने का विधान है। हर साल आयोजित होने वाली तीर्थ परिक्रमा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा का आयोजन इस बार 17 और 18 नवंबर को होगा। 17 नवंबर सुबह में प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम से परिक्रमा का शुभारंभ होगा। विभिन्न मार्गों से होकर यह परिक्रमा चंदायन में रात्रि पड़ाव के लिए रुकेगी और फिर अगले दिन वंश गोपाल पहुंचकर संपन्न होगी।
परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था में कई हिंदू संगठन अपना सहयोग देंगे। कहा कि परिक्रमा मार्ग को दुरुस्त कराए जाने की आवश्यकता है। इस मांग को प्रशासन के सामने से प्रमुखता से रखा जाएगा। खानपुर खुम्मार के पास नाले को प्रमुखता से दिखवाते हुए सही कराने पर बल दिया गया। बैठक में भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव, कमलकांत तिवारी, डा.यूसी सक्सेना, ह्रदेश यादव, अंकुर पाल, यशपाल सिंह दक्ष, किशनपाल यादव, श्री ओमचंद्रा आदि रहे।