प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और विश्वकर्मा जयंती के कार्यक्रम में संभल के जिला प्रभारी राजा वर्मा और जिला उपाध्यक्ष सतीश अरोरा के बीच नोकझोंक हो गई। नोकझोंक तब हुई जब सतीश अरोरा किसी बुजुर्ग को एक कुर्सी पर बैठा रहे थे। कुर्सी पर बैठाने से राजा वर्मा ने मना कर दिया था। इस बात पर ही विवाद शुरू हुआ।
विवाद इतना बढ़ गया कि जिला उपाध्यक्ष ने जिला प्रभारी पर कई गंभीर आरोप लगाए और उन्हें हटाने तक की मांग कर दी। भाजपा के जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह रिंकू और पूर्व जिलाध्यक्ष भीष्म शर्मा ने सतीश अरोरा को किसी तरह समझाया। इसके बाद विवाद शांत हुआ। विवाद के समय कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डाॅ. अनामिका यादव, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल भी मौजूद थे। सतीश का कहना है कि उन्होंने जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह से जिला प्रभारी को हटाए जाने की मांग कर दी है। जिला उपाध्यक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
कहा है कि अमसेाली विधानसभा क्षेत्र से हरेंद्र सिंह ने 2022 में चुनाव लड़ा था, लेकिन जिला प्रभारी ने विधानसभा क्षेत्र का दौरा नहीं किया और हरेंद्र सिंह की हार का कारण जिला प्रभारी थे। आरोप है कि जिला प्रभारी नहीं चाहते थे कि हरेंद्र सिंह को जिलाध्यक्ष बनाया जाए। इसलिए वह उनका सम्मान नहीं कराना चाहते थे और कुर्सी पर बैठ रहे बुजुर्ग को हटा दिया था। इसका ही विरोध किया था। जिला प्रभारी का कहना है कि कार्यक्रम में कुर्सियों की अगली दो पंक्तियां श्रमिकों के लिए थीं। वहां श्रमिकों ही बैठना था। इसलिए किसी अन्य को बैठने से रोका था। अब सतीश क्या आरोप लगा रहे हैं इसकी जानकारी नहीं है। वह पार्टी से काफी समय पहले अपना इस्तीफा दे चुके हैं।
कार्यक्रम में श्रमिकों को आगे बैठना था। जिले के प्रभारी मंत्री व अन्य पदाधिकारी तीसरी पंक्ति में बैठे हुए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति को कुर्सी पर बैठने से रोका था। सतीश अरोरा पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। वह सभी की शिकायत करते हैं।
- राजा वर्मा, जिला प्रभारी, भाजपा, संभल
सभी कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष का सम्मान करना चाहते थे। जिला प्रभारी नहीं चाहते थे। जिला प्रभारी कई आरोप हैं और वह नहीं चाहते थे कि हरेंद्र सिंह रिंकू जिलाध्यक्ष बनाए जाएं। इसलिए उन्होंने बुजुर्ग का अपमान किया। उन्हें हटाने की जिले के प्रभारी मंत्री से मांग की है।
- सतीश अरोरा, जिला उपाध्यक्ष भाजपा, संभल
सतीश अरोरा जिला उपाध्यक्ष हैं और उन्हाेंने कभी इस्तीफा नहीं दिया था। एक बार फेसबुक पर लिख दिया था। कार्यक्रम में क्या विवाद हुआ इसकी सही जानकारी नहीं है।
- ओमवीर सिंह खड़गवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा संभल
कार्यक्रम में मामूली कहासुनी हो गई थी। ज्यादा कुछ नहीं था। ऐसी आपसी कहासुनी हो जाती है। सभी कार्यक्रम में शामिल हुए और किसी तरह का कोई विवाद नहीं रहा।
- हरेंद्र सिंह रिंकू, जिलाध्यक्ष, भाजपा संभल