संभल। जनपद के 12 वीं कक्षा तक के निजी विद्यालयों द्वारा अपनी मर्जी की दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए छात्रों के अभिभावकों को कहे जाने की शिकायतें लगातार मिलने के कारण जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक बालमुकुंद प्रसाद को निर्देश दिए हैं कि समिति गठित कर इसकी गहन जांच कराएं। तत्काल इस पर रोक लगनी चाहिए। जांच में यदि निजी विद्यालय दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
डीआईओएस का कहना है कि जिले में पांच समितियां बनाई जा रही हैं। विशेष रूप से उन स्कूलों के लिए जहां की शिकायतें आ रहीं हैं, वहां पर टीम जाएगी। ज्यादातर शिकायतें बहजोई, चंदौसी एवं संभल से मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि शासन का स्पष्ट आदेश है कि कोई भी विद्यालय अपने विद्यार्थियों को इस बात के लिए विवश नहीं कर सकता कि किसी दुकान से कोई खास कोर्स की किताबें या ड्रेस खरीदें।
उन्होंने बताया कि शुल्क के विषय में भी यह कमेटी देखेगी कि वर्ष 2019-20 में जो शुल्क संरचना स्कूल की रही, वही कोविड महामारी के सत्र 2020-21 में भी रही या नहीं। जिन विद्यार्थियों ने अपनी पूरी फीस जमा कर दी थी, उनके 15 फीसदी अगले सत्र के लिए समायोजन करना था। इसकी भी जांच कमेटी द्वारा की जाएगी। बताया कि सीबीएसई की संबद्धता के लिए राज्य सरकार ने जो मानक तय किए हैं, उनकी भी जांच यह कमेटी करेगी।