विवाह के सभी रस्मों रिवाज बखूबी निभाए जा रहे थे, हंसी खुशी का माहौल था। बारात दुल्हन के घर के लिए निकलने ही वाली थी कि दूल्हा गायब हो गया, जो काफी तलाश के बावजूद नहीं मिला। बारात नहीं पहुंचने पर दुल्हन के घर भी मायूसी छा गई, उनकी शिकायत पर पुलिस ने दूल्हे के भाई व पिता को भी पकड़ लिया लेकिन मध्यरात्रि के बाद दूल्हे का सिर कटा शव धनारी रेलवे स्टेशन की पटरी पर मिला। दोनों ही परिवारों में कोहराम मच गया।
उधर कुछ लोगों का कहना था कि बारात निकलने से पूर्व पिता ने उसे रिश्तेदारों के सामने डांट दिया था। गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के मैदावली गांव निवासी चिंतामणि यादव का बीस वर्षीय पुत्र प्रवेश कुमार बीए फाइनल का छात्र था। उसकी शादी क्षेत्र के ही गोठना गांव के मदनपाल यादव की बेटी कुसुमा यादव के साथ सालभर पहले ही तय हुई थी। 17 जून को लगुन चढ़ाई गई, जिसमें एक बाइक व करीब दो लाख रुपये दिए गए। बारात 12 जुलाई की शाम को गोठना पहुंचनी थी। सभी रस्मो रिवाज हंसी खुशी के साथ निभाए जा रहे थे।
दूल्हा व दुल्हन भी काफी खुश थे। मंगलवार को शाम करीब चार बजे बारात तैयार हो गए। दूल्हे के घर होने वाली रस्में भी हो गई। बारात निकलने ही वाली थी कि अचानक दूल्हा पंडित जी को बुलाकर लाने की बात कहकर बाइक लेकर चला गया और फिर नहीं लौटा। देर होने पर तलाश शुरू की गई। नहीं मिलने पर कन्या पक्ष को सूचित किया तो उन्होंने बारात नहीं लाने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने दूल्हे के भाई किशनपाल, पिता चिंतामणि को पकड़ कर थाने में बैठा लिया।
रात्रि करीब दो बजे सूचना मिली कि कोई युवक ट्रेन से कटकर मर गया है। ग्रामीणों ने पहचान कर थाने से भाई व पिता को छुड़ाकर मौके पर जाकर देखा। शव प्रवेश कुमार का ही था। उसकी सिर धड़ से कट गया था लेकिन उसके सीने पर ही उसका मोबाइल फोन रखा था, उसकी बाइक लॉक करके कुछ दूरी पर खड़ी की गई थी। जिससे दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक प्रवेश कुमार की मां सुहागा देवी का कहना है कि सब कुछ ठीकठाक था, कोई नाराजगी भी नहीं थी लेकिन अचानक ना जाने क्या हुआ कि प्रवेश बारात छोड़कर चला गया और आत्महत्या कर ली।