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किसान आंदोलन के समर्थक युवाओं ने बीजेपी नेताओं के प्रवेश न करने का बोर्ड लगाया, पुलिस ने उखाड़ा

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संभल के गांव चंदावली में बीजेपी नेताओं के प्रवेश पर रोक का बोर्ड लगाते युवा। - फोटो : SAMBHAL
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संभल। तीन कृषि कानूनाें के विरोध और किसान आंदोलन के समर्थन में संभल के गांव चंदावली में युवाआें ने बीजेपी नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने देने का बोर्ड लगा दिया। इसकी जानकारी नखासा थाना पुलिस को हुई तो हड़कंप मच गया। पुलिस बोर्ड उठाकर थाने ले गई। इसकी जानकारी बोर्ड लगाने वाले युवाओं को हुई तो उन्होंने विरोध किया। भाकियू अराजनैतिक असली के पदाधिकारियों को सूचना दी गई। भाकियू (अअ) के मंडल सचिव ने पुलिस द्वारा बोर्ड उखाड़ने की कार्रवाई को गलत बताया है। साथ ही प्रवेश न करने की चेतावनी दीवाराें पर लिखवाने की बात कही है।
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रविवार को गांव चंदावली में कुछ युवाओं ने गांव के मुख्य मार्ग पर बोर्ड लगाया। इसमें लिखा था कि गांव में बीजेपी नेताओं का प्रवेश मना है। युवा बोर्ड लगाकर चले गए। दोपहर करीब 12.30 बजे पुलिस पहुंची और बोर्ड उखाड़ लाई। युवाओं को इसकी जानकारी मिली तो वह गांव सिंहपुरसानी में मौजूद पुलिस के पास पहुंच गए। बोर्ड उखाड़ने की कार्रवाई को गलत बताया। पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो भाकियू अराजनैतिक असली के पदाधिकारियों को सूचना दी गई।
मंडल महासचिव संजीव गांधी ने पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया और कहा कि जब पुलिस किसानों के लिए कीलें लगा सकती है तो किसान प्रवेश न करने का बोर्ड भी नहीं लगा सकते। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बोर्ड गलत उखाड़ा है। यह पुलिस का अधिकार नहीं है। साथ ही कहा कि अब वह गांव में मकानों की दीवारों पर बीजेपी नेताओं के प्रवेश न करने की चेतावनी लिखवाएंगे। फिर क्या पुलिस लोगों की दीवारें उखाड़कर ले जाएगी।
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बोर्ड युवाओं ने लगाया था। उस बोर्ड पर किसी के लिए अभद्रता नहीं लिखी थी। इसके बाद भी पुलिस बोर्ड उखाड़ लाई। जबकि पुलिस को यह अधिकार नहीं है। अब दीवारों पर लिखवाया जाएगा कि बीजेपी नेताओं का प्रवेश मना है। तब पुलिस क्या दीवार उखाड़ लाएगी।
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संजीव गांधी, मंडल महासचिव, भाकियू (अअ)
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