चंदाैसी में जमीन हथियाने के लिए भाजपा अनुसूचित मोर्चा के नगर अध्यक्ष प्रेमपाल के कारनामे की फर्जी साजिश का राजफाश होने के बाद भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है। जबकि अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष चरण सिंह भारती ने प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया को रिपोर्ट भेज दी है।
जिससे नगराध्यक्ष पर गाज गिरना तो तय है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष ही फैसला लेंगे। नगर के भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नगर अध्यक्ष प्रेमपाल ने 27 जुलाई की रात 10 बजे डायल 112 पर कॉल कर बताया था कि मझावली-पतरौआ मार्ग पर तीन लोगों ने उसे गोली मार दी है।
भाजपा नेता ने पड़ोसी दो भाई दिलीप व हेमंत के अलावा श्यामलाल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस ने भाजपा नेताओं के दबाव में बिना जांच पड़ताल किए तीनों नामजदों को गिरफ्तार कर जबरन वारदात कबूल कराई और जेल भेज दिया था।
गिरफ्तार आरोपियों की मां अपने बेटों को निर्दोष बताते हुए पुलिस के आला अफसरों से लेकर लखनऊ तक दस्तक दी। जिससे मामले की विवेचना में सामने आया कि भाजपा नेता का महिला से जमीन का विवाद चल रहा था।
जमीन हड़पने के लिए ही भाजपा नेता प्रेमपाल सिंह ने साजिश के तहत निजी अस्पताल के कंपाउडर से पीठ में घाव कराकर गोली प्लांट कराई थी। बाद में केस दर्ज कराकर तीनों को जेल भिजवा दिया था। खुलासा होने के बाद मामले में जब भाजपा के प्रमुख नेताओं से बात करने का प्रयास किया गया तो सभी चुप्पी साधे नजर आए।
भाजपा के नगर अध्यक्ष अंकुर अग्रवाल ने भी इस मामले को कुछ बताने से इन्कार कर दिया। वहीं राज्यमंत्री गुलाब देवी से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उनसे बात नहीं हो सकी। उनके प्रतिनिधि पति रामपाल सिंह ने बताया कि वह लखनऊ में हैं। उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
उधर अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष चरण सिंह भारती ने नगर अध्यक्ष के इस कारनामे को लेकर रोष जाहिर करते हुए बताया कि कारनामे की रिपोर्ट संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया को भेज दी गई है। पद से निष्काशित किया जाना तय है। फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष के आदेश का इंतजार है।
ये हुआ था 27 जुलाई की रात
27 जुलाई को भाजपा नेता प्रेमपाल को गोली मारने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। इसमें प्रेमपाल ने बताया था कि उसके पड़ोसी दिलीप, हेमंत और श्यामलाल ने गोली मारी है। बताया था कि वह बहजोई से व्यापार मंडल की बैठक में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहा था।
नेहटा-पतरौआ मार्ग पर सैनिक चौराहे पर दिलीप, हेमंत और श्यामलाल ने रास्ता रोका और गोली मारकर भाग गए। इसके बाद की साजिश पुलिस ने रचनी शुरू कर दी और तीन बेगुनाह लोगों को आरोपी बना दिया। पुलिस ने अब बेगुनाह लोगों को फंसाने में प्रेमपाल, आमिर, शराफत और राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पांचवां आरोपी जयवीर भागा हुआ है।