ओर से संभल के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदार असमोली विधानसभा क्षेत्र के गांव भारतल सिरसी निवासी हरेंद्र सिंह रिंकू को मिली है। हरेंद्र सिंह रिंकू वर्ष 2022 में असमोली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। और दूसरे नंबर पर रहे थे। जाट बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले हरेंद्र सिंह रिंकू को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का करीबी भी माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने संगठन में लगातार सक्रियता भी दर्ज कराई है। इसका लाभ उन्हें जिलाध्यक्ष के रूप में मिला है। जिलाध्यक्ष की कुर्सी के लिए 33 कार्यकर्ताओं ने आवेदन किए थे। हाईकमान को लोकसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए निर्णय लेना था और इसलिए ही जाट बिरादरी को साधने के लिए हरेंद्र सिंह रिंकू को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। हरेंद्र सिंह रिंकू जिस इलाके से हैं वह जाट बेल्ट के नाम से जाना जाता है। करीब 85 गांव जाट बिरादरी के हैं। लोकसभा क्षेत्र संभल में करीब 1.5 लाख जाट बिरादरी के वोटर हैं। हालांकि बड़ा हिस्सा बिलारी, कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में आता है लेकिन लोकसभा चुनाव में लाभ जरूर मिलेगा। अभी तक जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह खडगवंशी थे वह करीब साढ़े तीन वर्ष तक कुर्सी पर काबिज रहे।
हरेंद्र सिंह रिंकू को विधानसभा चुनाव में 86446 वोट मिले थे। जबकि पिंकी यादव को 111652 वोट मिले थे। हरेंद्र सिंह रिंकू को 25205 वोट से हार का सामना करना पड़ा था। असमोली विधानसभा क्षेत्र में यादव और मुस्लिम की भूमिका अहम रहती है। लेकिन हरेंद्र सिंह रिंकू ने यादव और मुस्लिम वोटर में सेंध लगा दी थी। अब जिलाध्यक्ष बनने पर लोकसभा चुनाव में बड़ा लाभ मिलेगा। हरेंद्र सिंह रिंकू के अतीत की बात करें तो वह राष्ट्रीय लोकदल और राष्ट्रीय परिवर्तन दल में शामिल रहे। वह वर्ष 2015 में भाजपा में शामिल हुए और जिला पंचायत सदस्य बन गए थे। इसके बाद वह राजेश सिंघल के जिलाध्यक्ष रहते हुए जिला मंत्री बने और ओमवीर सिंह खडगवंशी के कार्यकाल में जिला महासचिव बनाए गए। विधानसभा चुनाव के समय टिकट मिलने पर जिला महासचिव का पद छोड़ दिया था। अब जिलाध्यक्ष की कुर्सी मिली है।